फिर फेल हो जाता चंद्रयान-3 मिशन, अगर न होती 4 सेकेंड की देरी


India Daily Live
29 Apr 2024

Chandrayaan-3

    भारत की स्पेस एजेंसी इसरो ने पिछले साल इतिहास रचते हुए चांद पर अपना रोवर लैंड कराया. Chandrayaan-3 एक मून मिशन था.

इसरो ने किया खुलासा

    अब इसरो ने खुलासा किया है कि अगर Chandrayaan-3 की लॉन्चिंग में 4 सेकेंड की देरी नहीं होती तो ये नष्ट हो सकता था.

वैज्ञानिक ने लिया सूझबूझ से काम

    यह मिशन चंद्रमा पर पहुंचने से पहले ही खत्म हो जाता, अगर वैज्ञानिक सूझबूझ से काम नहीं लेते.

लॉन्च से पहले टेस्टिंग

    सैटेलाइट या स्पेस्क्राफ्ट को लॉन्च करने से पहले इसरो वैज्ञानिक कोलिजन एवॉयडेंस एनालिसिस करते हैं. ताकि रास्ते में स्पेस्क्राफ्ट किसी उपग्रह से टकराए न.

अतंरिक्ष कचरे से भी टक्कर का डर

    अतंरिक्ष के कचरे से भी टक्कर का डर था इसलिए लॉन्चिंग में देरी की गई. लॉन्चिंग से पहले इसरो वैज्ञानिकों को चंद्रयान-3 के मार्ग में अंतरिक्ष का कचरा दिखाई दिया.

रास्ते में था कचरा

    चंद्रयान-3 तय समय पर लॉन्च होता तो इससे स्पेसक्राफ्ट के कचरे से टकराने का खतरा था.

चार सेकेंड की देरी

    इसरो वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग में चार सेकेंड की देरी की. ताकि कचरा इसके रास्ते से दूर चला जाए.

रहती है टकराने की आशंका

    अंतरिक्ष में जब सैटेलाइट होता है तब भी इसके टकराने की आशंका रहती है. इसलिए वैज्ञानिक इसकी दिशा और ऑर्बिट बदलते रहते है.

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