विनोद कापड़ी की फिल्म 'पायर' बेंगलुरु फेस्टिवल में मचाएगी धमाल
बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म
'पायर' को बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाया जाएगा. इससे पहले इसका प्रीमियर तेलिन ब्लैक नाइट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी हो चुका है, जहां इसे खूब सराहा गया.
बुजुर्ग जोड़े की मार्मिक कहानी
फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक गांव में रहने वाले पद्म और तुलसी नाम के बुजुर्ग जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका गांव पलायन की वजह से वीरान हो चुका है. उनकी चिंता यह है कि उनके मरने के बाद उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा?
एक खत से बदल गई जिंदगी
एक दिन उनके पास एक अनजान व्यक्ति का खत आता है, जिससे उन्हें फिर से जीने की आस मिलती है. यही सवाल फिल्म को बेहद भावनात्मक और दिल छू लेने वाला बनाता है.
सच्चे प्रेम की कहानी
'पायर' सिर्फ अकेलेपन की कहानी नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम की मिसाल भी है. यह फिल्म दर्शाती है कि बुढ़ापे में भी प्रेम का अहसास उतना ही गहरा होता है.
विनोद कापड़ी की लेखनी और निर्देशन
फिल्म के निर्देशक और लेखक विनोद कापड़ी हैं. एक पत्रकार से फिल्म निर्देशक बने कापड़ी हमेशा सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं.
असली कलाकारों का शानदार अभिनय
इस फिल्म में बुजुर्ग कलाकार पद्म सिंह और हीरा देवी ने अहम भूमिका निभाई है. उनकी प्राकृतिक अदाकारी ने फिल्म को और वास्तविक बना दिया.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही सराहना
'पायर' को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म की अनूठी कहानी और असली लोकेशन ने इसे और खास बना दिया है.