शशि कपूर वो इन फिल्में ने बनाया उन्हें भारत का पहला वर्ल्ड-क्लास हीरो!
Babli Rautela
18 Mar 2026
धर्मपुत्र (1961)
यश चोपड़ा की इस शुरुआती फिल्म में शशि ने सांप्रदायिकता के जाल में फंसे युवा का ग्रे किरदार निभाया, जो उनके करियर का सबसे साहसी रोल माना जाता है.
द हाउसहोल्डर (1963)
मर्चेंट-आइवरी की पहली फिल्म, जहां शशि ने भारतीय मध्यमवर्गीय परिवार की जटिलताओं को बखूबी दर्शाया.
वक्त (1965)
यश चोपड़ा की इस फैमिली ड्रामा में तीन भाइयों की कहानी को शशि ने भावुक ड्राइवर के रूप में जीवंत किया.
शेक्सपियर वाला (1965)
मर्चेंट-आइवरी की यह फिल्म शशि और फेलिसिटी केंडल की केमिस्ट्री के लिए मशहूर है.
आ गले लग जा (1973)
मनमोहन देसाई की इस फिल्म ने समाज की कई वर्जनाओं को चुनौती दी.
दीवार (1975)
अमिताभ बच्चन के साथ शशि का पुलिसवाला किरदार और मशहूर डायलॉग "मेरे पास मां है" ने इस फिल्म को बॉलीवुड का आइकॉन बना दिया.
कभी कभी (1976)
यश चोपड़ा की रोमांटिक महाकाव्य में शशि ने कूल और समझदार पिता का रोल निभाया, जो फिल्म का दिल जीत लेता है.
जुनून (1979)
श्याम बेनेगल की यह ऐतिहासिक ड्रामा रस्किन बॉन्ड की कहानी पर आधारित है. शशि ने नवाब के जुनूनी किरदार में कमाल किया और फिल्म ने कई अवॉर्ड जीते.
बॉम्बे टॉकी (1970)
मुंबई फिल्म इंडस्ट्री पर व्यंग्यपूर्ण फिल्म, जहां शशि ने अपनी पत्नी जेनिफर केंडल के साथ लीड रोल किया.