'कम्मोजी, आप मेरे उस लल्ले...', राज कपूर के बेमिसाल 9 डायलॉग
Babli Rautela
14 Dec 2025
मन की बात
'मेरे मन में एक बात आई है. शिवजी की कृपा हुई तो एक दिन फूल सरीखा छोटा सा लल्ला होगा मेरा कम्मो जी. और उसका नाम मैं रखूंगा श्री गंगा प्रसाद... कम्मोजी, आप मेरे उस लल्ले की मां बनेंगी?'
समाज का कमाल
'बस यहीं तो हमारे नए समाज का कमाल है. जो चोर हो, दूसरों की जेब काटते हैं, जनता की आंखों में धूल डालते हैं, मेरे जैसा फर्स्ट क्लास सूट पैंट पहनते हैं... उन्हें हम शरीफ समझते हैं. और जो इमानदारी से मेहनत-मजदूरी करके पेट पालते हैं, फटे पुराने कपड़े पहनते हैं… उन्हें चोर-डाकू-अवारा समझकर धर लिया जाता है.'
दिल की बात
'हम तो दिल के सौदागर हैं... दिल खरीदते हैं... दिल बेचते हैं.'
अच्छाई और बुराई
'अच्छाई की कोई सीमा नहीं होती... और बुराई का कोई अंत नहीं.'
गरीबी और भूख
'दुनिया में एक चीज शेर-ए-बब्बर से भी ज्यादा खतरनाक और डरावनी है... और वो है गरीबी और भूख.
दुनिया छोटी है
'दुनिया कितनी छोटी है... लेकिन दो आदमियों के बीच का फासला कितने लंबे हो सकते हैं... कितने भयानक और कितने काले.'
दोस्ती की रोशनी
'रोशनी चांद से होती है सितारों से नहीं... दोस्ती एक से होती है हजारों से नहीं.'
दुश्मनी और दोस्ती
'दुश्मनी को खत्म करने का मौका नहीं मिलता... और दोस्ती किसी की भी कीमत पर नहीं मिलती.'
कभी पीछे मुड़कर न देखें
'जिंदगी में कुछ भी करने से पहले सोचना चाहिए... क्योंकि एक बार जो कदम उठा लिया तो फिर पीछे नहीं देखना.'