ये है 2025 की Underrated फिल्में, साल के जाते-जाते जरूर देखें
Babli Rautela
15 Dec 2025
नारिवेट्टा
आदिवासी विरोध और राज्य की हिंसा पर आधारित यह फिल्म अन्याय के खिलाफ हिम्मत दिखाती है. 2025 में ऐसी सीधी राजनीतिक टिप्पणी करने वाली कम फिल्में ही बनीं.
स्टोलन
एक बच्चे के अपहरण से शुरू होती सामाजिक असमानता और नौकरशाही की आलोचना. अभिषेक बनर्जी की परफॉर्मेंस से सजी यह फिल्म थ्रिल और कमेंट्री का बेहतरीन उदाहरण है.
सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव
रीमा कागती की यह फिल्म मालेगांव के आम लोगों की DIY फिल्ममेकिंग की सच्ची कहानी पर आधारित है.
रेखाचित्रम
मलयालम सिनेमा के पुराने रहस्य को खोलती जोफिन टी. चाको की यह थ्रिलर. अपराध, कला और छिपे घोटालों का मिश्रण जो दिमाग को झकझोर देता है.
कालीधर लापता
मधुमिता की फिल्म में याददाश्त खो चुका बुजुर्ग और अनाथ बच्चे की रोड ट्रिप. चुना हुआ परिवार और खुद को फिर से पाने की यह मार्मिक यात्रा दिल को छू जाती है.
चिड़िया
मुंबई की चाल में रहने वाले दो भाइयों की बैडमिंटन खेलने की जिद. मेहरान अमरोही की यह कोमल फिल्म बचपन की मासूमियत और उम्मीद की याद दिलाती है.
द मेहता बॉयज
बोमन ईरानी की डायरेक्टोरियल डेब्यू में पिता-पुत्र का रिश्ता 48 घंटों में कैसे बदलता है. दुख, माफी और समझ की यह कहानी बेहद संयमित और प्रभावशाली है.
रेट्रो
कार्तिक सुब्बाराज का गैंगस्टर ड्रामा जो रोमांस और अस्तित्व की तलाश में बदल जाता है. बोल्ड स्टाइल और टोनल शिफ्ट्स के साथ यह फिल्म अलग अनुभव देती है.