बागेश्वर धाम में चढ़ते हैं तीन रंग के कपड़ों में नारियल, जानें क्यों?


बाला जी का है मंदिर

    बागेश्वर धाम में बालाजी (हनुमान) का मंदिर है. इस धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री है.

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बाबा बागेश्वर नाम से है पहचान

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक प्रसिद्ध कथावाचक भी हैं. इसके साथ ही इनको लोग बाबा बागेश्वर से भी पहचानते हैं.

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नारियल के साथ रखी जाती है पर्ची

    इस धाम में लोग अपनी समस्या एक पर्ची में लिखकर एक कपड़े में नारियल और पर्ची रखकर बालाजी का अर्पित करते हैं.

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नारियल के साथ रखी जाती है पर्ची

    इस धाम में लोग अपनी समस्या एक पर्ची में लिखकर एक कपड़े में नारियल और पर्ची रखकर बालाजी का अर्पित करते हैं.

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समस्या के अनुसार होता है नारियल के कपड़े का रंग

    यहां पर नारियल और पर्ची को जिस कपड़े में रखा जाता है. उसका रंग समस्या के अनुसार अलग-अलग होता है.

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लाल रंग का कपड़ा

    नौकरी, प्रापर्टी, कोर्ट-कचहरी आदि की समस्या है तो नारियल को लाल कपड़े में लपेट कर अर्पित करते हैं.

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पीले रंग का कपड़ा

    शादी में रुकावट या कोई समस्या आ रही है तो पीले रंग के कपड़े में नारयल लपेटकर बालाजी को अर्पित करते हैं.

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काले रंग के कपड़े में लगती है अर्जी

    अगर समस्या भूत-प्रेत बाधा से जुड़ी हुई होती है तो काले कपड़े में नारियल रखकर बालाजी के समझ अर्पित की जाती है.

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