इन लोगों को भूलकर भी नहीं देखना चाहिए होलिकादहन
पूर्णिमा पर होता है होलिका दहन
फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन होता है. इसके अगले दिन चैत्र माह की प्रतिपदा पर रंग खेला जाता है.
मुसीबतों को दूर करता है होली पूजन
होलिका दहन पर किया जाने वाला पूजन, अग्नि और राख से कई प्रकार की मुसीबतें दूर होती हैं.
कुछ लोगों को नहीं देखना चाहिए दहन
शास्त्रों में कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताया गया है,जिनको होलिका दहन नहीं देखना चाहिए. ये लोग अगर होलिका दहन को देखते हैं तो इनके जीवन में कुछ अशुभ होने की आशंका रहती है.
नवविवाहित स्त्री
जिस महिला की नई शादी हुई हो और विवाह के बाद यह उसकी पहली होली हो तो उसे होलिका दहन नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
गर्भवती महिला
गर्भवती महिलाओं को भी होलिका दहन देखने से बचना चाहिए. ऐसा करना बच्चे पर अशुभ प्रभाव डालता है.
नवजात शिशु
नवजात शिशु को भी होलिका दहन नहीं दिखाना चाहिए. ऐसा करने से आपके बच्चे को नकारात्मकता का सामना करना पड़ सकता है.
सास-बहू
सास और बहु को एकसाथ कभी भी होलिका दहन नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से आपसी मतभेद बढ़ते हैं.
एकलौती संतान वाले माता-पिता
जिन दंपतियों के एकलौती संतान हो, उन्हें होलिका दहन देखने से बचना चाहिए. ऐसा करना शुभ नहीं माना गया है.
Disclaimer
यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.