सावन शिवरात्रि पर कब करें रुद्राभिषेक? जानें सबसे शुभ समय
सावन शिवरात्रि
सावन शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास मानी जाती है. इस दिन रुद्राभिषेक करने की परंपरा है.
कब मनाई जाएगी सावन शिवरात्रि?
इस साल सावन शिवरात्रि 11 अगस्त, मंगलवार को मनाई जाएगी. इस दिन भक्त दिन, शाम या रात में अपनी सुविधा के अनुसार रुद्राभिषेक कर सकते हैं.
रुद्राभिषेक का सबसे शुभ समय
भगवान शिव के रुद्राभिषेक के लिए प्रदोष काल को विशेष शुभ माना जाता है. यदि संभव हो तो शाम 7:05 बजे से रात 9:14 बजे तक की अवधि में रुद्राभिषेक करना शुभ माना गया है.
ब्रह्म मुहूर्त में भी कर सकते हैं पूजा
अगर प्रदोष काल में रुद्राभिषेक करना संभव नहीं है, तो सुबह भी पूजा की जा सकती है. सुबह 4:22 बजे से 5:05 बजे तक के समय को भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है.
दिन में ये शुभ मुहूर्त भी खास
रुद्राभिषेक के लिए अन्य शुभ समय भी बताए गए हैं.
1. अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक
2. विजय मुहूर्त: दोपहर 2:39 से 3:32 बजे तक
3. गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:04 से 7:26 बजे तक
चार प्रहर में करें शिव पूजा
शिवरात्रि की रात चार प्रहर में पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. भक्त इन चारों प्रहर में रुद्राभिषेक कर सकते हैं.
रुद्राभिषेक में क्या चढ़ाएं?
शिवलिंग के रुद्राभिषेक में कई पवित्र वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है. दूध, जल, दही, घी, शहद, गंगाजल, पंचामृत और गन्ने का रस प्रमुख सामग्री मानी जाती है. कुछ परंपराओं में सरसों के तेल का भी प्रयोग किया जाता है.
मनोकामना के लिए खास मानी जाती है पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. भक्त अपनी श्रद्धा और मनोकामना के अनुसार अभिषेक की सामग्री का चयन कर सकते हैं.