कहां से आया मंगलसूत्र जो चुनाव में बना है फसाद की जड़


India Daily Live
24 Apr 2024

चुनाव में छिड़ गया है घमासान

    चुनाव में मंगलसूत्र को लेकर घमासान शुरू हो गया है. पीएम मोदी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर निशाना साधते हुए कह दिया है कि ये आपका मंगलसूत्र भी नहीं बचने देंगे.

प्रियंका गांधी ने किया पलटवार

    इस पर पलटवार करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा है कि मेरी मां का मंगलसूत्र देश के लिए कुर्बान हो गया था.

क्या है इस मंगलसूत्र का इतिहास?

    राजनीति से इतर क्या आप जानते हैं कि मंगलसूत्र का इतिहास क्या है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं कि कहां से मंगलसूत्र की शुरुआत हुई है.

सुहाग की निशानी है मंगलसूत्र

    हिंदू धर्म में मंगलसूत्र को सुहाग की निशानी माना जाता है. इसमें कई देवी और देवताओं का निवास होता है.

मंगलसूत्र है रक्षा कवच

    मंगलसूत्र का पति और पत्नी के बीच का रक्षा कवच माना गया है. शादी के बाद इसे पहनने से पति और पत्नी के रिश्ते को नजर नहीं लगती है.

मोहन जोदड़ो की खुदाई में मिले हैं इसके साक्ष्य

    इसके साक्ष्य मोहन जोदड़ो की खुदाई में भी मिले हैं. वहीं, आदि गुरु शंकराचार्य ने अपनी पुस्तक सौंदर्य लहरी में भी इसका उल्लेख किया है.

अथर्वेद में है जिक्र

    मंगलसूत्र का जिक्र अथर्वेद में भी है. इसके साथ ही ही 300ईसा पूर्व भी दू्ल्हा-दुल्हन के गले में धागा बांधता था. उस दौर में इसे मंगलयम के नाम से जाना जाता था.

तमिलनाडु से हुई शुरुआत

    कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इसकी शुरुआत दक्षिण भारत के तमिलनाडु से हुई थी. धीरे-धीरे यह उत्तर भारत में भी प्रचलित हो गया.

मोतियों ने लिया पीले धागे का स्थान

    समय के साथ ही मंगलसूत्र का स्वरूप बदलता गया. पीले धागे का स्थान काले और सोने के मोतियों ने ले लिया.

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