संकष्टी चतुर्थी के दिन अपनाएं ये आसान उपाय, घर में आएगी खुशहाली!


Princy Sharma
16 Feb 2025

संकष्टी चतुर्थी का महत्व

    संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. यह व्रत फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है, जो इस साल 16 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा.

व्रत का समय और पारण

    संकष्टी चतुर्थी का व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक होता है. इस व्रत में फल और वनस्पतियों का सेवन किया जाता है और रात को चंद्र देवता की पूजा करके अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है. चंद्रोदय 16 फरवरी को रात 9:39 बजे होगा.

लाल कपड़े में श्रीयंत्र और सुपारी रखें

    संकष्टी चतुर्थी पर एक लाल कपड़े में श्रीयंत्र और सुपारी रखें. इसे गणेश जी की मूर्ति के पास रखकर पूजा करें और पूजा के बाद उसे घर की तिजोरी में रखें. इससे आर्थिक स्थिति में सुधार और गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है.

हरे रंग की गणेश मूर्ति का उपयोग

    संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी की हरे रंग की मूर्ति घर की उत्तर दिशा में स्थापित करें. मूर्ति की पूजा करें और उन्हें तिल के लड्डू, गुड़, चावल, मोदक, केले और धूप अर्पित करें. इस उपाय से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

गणेश जी के मंत्रों का जाप

    गणेश जी की पूजा के दौरान 'ॐ गण गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से मानसिक शांति मिलती है और घर में सुख-शांति का माहौल बनता है.

दाईं सूंड वाले गणपति की पूजा

    यदि कोई काम अटका हुआ हो, तो दाईं सूंड वाले गणपति जी की मूर्ति की पूजा करें. इस दौरान उन्हें 21 लड्डू चढ़ाएं और ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:’ मंत्र का जाप करें.

आर्थिक स्थिति

    दाईं सूंड वाले गणपति की पूजा से कुंडली में कमजोर ग्रहों की स्थिति में सुधार होता है,. इसके साथ ही आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है.

माताओं के लिए खास व्रत

    संकष्टी चतुर्थी का व्रत विशेष रूप से माताओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है.

घर में खुशहाली

    संकष्टी चतुर्थी के दिन किए गए ये उपाय घर में खुशहाली लाने, कार्यों में सफलता पाने और आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक हो सकते हैं.

डिस्क्लेमर

    यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.

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