मृत्यु के बाद 13 दिन तक कहां भटकती है आत्मा?
Princy Sharma
15 Sep 2025
गरुड़ पुराण
गरुड़ पुराण के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा तुरंत यमलोक नहीं जाती.
13 दिन
आत्मा 13 दिन तक घर में ही वास करती है और अपने परिवार के पास रहती है.
यमलोक
आत्मा को मृत्युलोक से यमलोक पहुंचने में लगभग 1 साल का समय लगता है.
पिंडदान
यदि मृतक के नाम से पिंडदान नहीं किया जाता, तो आत्मा को कष्ट सहना पड़ता है.
यमदूत
तेरहवीं के दिन अगर पिंडदान न हो, तो यमदूत आत्मा को जबरदस्ती यमलोक लेकर जाते हैं. इस दौरान आत्मा को बहुत पीड़ा और कठिनाई झेलनी पड़ती है.
तेरहवीं पर भोज
मृत आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए तेरहवीं भोज और पिंडदान करना अनिवार्य बताया गया है.
पिशाच योनि
यदि तेरहवीं न कराई जाए, तो आत्मा पिशाच योनि में भटकने लगती है.
पिंडदान से क्या होता है
पितृपक्ष में किए गए श्राद्ध और पिंडदान से आत्मा को शांति और मोक्ष मिलता है.
डिस्क्लेमर
यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.