दूल्हा नहीं... यहां दुल्हनें लेकर आती हैं बारात


Om Pratap
26 Dec 2023

लड़कियां जे जाती हैं बारात

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक गांव है, जहां की लड़कियां बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंचतीं हैं.

अबूझमाड़ गांव की 'अबूझ' पहेली

    नारायणपुर के अबूझमाड़ गांव में ये अनोखी परंपरा निभाई जाती है. यहां मड़िया जनजाति के लोग रहते हैं.

दूल्हे को देना होता है दहेज

    परंपरा के मुताबिक, आमतौर पर होने वाली सामान्य शादियों के उलट यहां लड़के को दहेज देना होता है.

मर्जी से दूल्हा चुनती हैं लड़कियां

    जनजाति की एक विशेषता ये भी कि इनकी बेटियां अपनी मर्जी से अपना जीवनसाथी यानी दूल्हा चुनती हैं.

हिमाचल में भी ऐसी परंपरा

    छत्तीसगढ़ के अलावा हिमाचल प्रदेश में भी ऐसी परंपरा है. यहां दुल्हन दूल्हे के घर बारात लेकर पहुंचती है, जिसे जाजड़ा परंपरा कहते हैं.

हाटी जनजाति में प्रचलित है परंपरा

    हिमाचल के सिरमौर जिले में हाटी जनजाति रहती है. हाटी समुदाय में जाजड़ा पंरपरा काफी प्रचलित है. हालांकि, इसके पीछे कोई खास कारण नहीं है.

रिपोर्ट में भी है परंपरा का जिक्र

    सिरमौर में हाटी समुदाय की डेढ़ से दो लाख के करीब आबादी है. इस समुदाय की एथनोग्राफिक रिपोर्ट में भी खास परंपरा का जिक्र है.

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