दुआ करें कि इनसे बचे रहें, जानिए पृथ्वी के 10 खतरनाक वायरस


ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV)

    एचआईवी शरीर की इम्यूनिटी पावर पर हमला करता है, विशेष रूप से सीडी4 कोशिकाएं इसका टारगेट होती हैं. इसकी गिरफ्त में आने के बाद व्यक्ति काफी संवेदनशील हो जाता है.

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इन्फ्लुएंजा वायरस (FLU)

    इन्फ्लूएंजा वायरस हल्के से लेकर गंभीर लक्षणों तक सांस संबंधी बीमारी का कारण बनता है. हाई रिस्क वाले ग्रुप में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से अस्वस्थ्य लोग आते हैं. टीकाकरण इसके लिए एक प्रभावी उपाय है.

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इबोला वायरस (EVD)

    इबोला वायरस रोग (ईवीडी) इंसानों में एक गंभीर और घातक संक्रमण है. यह जंगली जानवरों से लोगों में फैलता है. इसके बाद इंसानों से इंसानों में फैलता है.

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जीका वायरस

    जीका वायरस मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलता है, लेकिन यह यौन संचारित भी हो सकता है. गर्भावस्था के दौरान संक्रमण से शिशुओं में जन्म दोष जैसे माइक्रोसेफली और अन्य न्यूरोलॉजिकल हो सकती हैं.

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रेबीज वायरस

    रेबीज एक वायरल बीमारी है जो मनुष्यों और अन्य स्तनधारियों में दिमाग में सूजन का कारण बनती है. यह संक्रमित जानवरों की लार से फैलता है.

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हरपीज सिम्प्लेक्स वायरस (HSV)

    हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (एचएसवी-1) और टाइप 2 (एचएसवी-2) मौखिक और जननांग हर्पीस का कारण बन सकते हैं. इसकी गिरफ्त में आने पर दर्दनाक घाव और छाले हो सकते हैं.

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वैरीसेला-जोस्टर वायरस (VZV)

    वीजेडवी चिकनपॉक्स (वैरीसेला) का कारण बनता है. बाद में दोबारा सक्रिय होकर दाद (हर्पीज जोस्टर) का कारण बनते हैं. चिकनपॉक्स सबसे ज्यादा संक्रामक है, इसके लक्षणों में खुजलीदार दाने और बुखार आता है.

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नोरोवायरस

    नोरोवायरस सबसे ज्यादा संक्रामक है. आमतौर पर गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनता है, जिससे उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन और मतली जैसे लक्षण होते हैं. ये स्कूलों और नर्सिंग होम जैसी जगहों पर फैसला है.

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रोटावायरस

    रोटावायरस दुनिया भर में शिशुओं और छोटे बच्चों में गंभीर दस्त का कारण बनता है. यह काफी संक्रामक है. लक्षणों में पानी जैसा दस्त, उल्टी, बुखार और पेट दर्द शामिल हैं.

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MERS-CoV

    MERS-CoV बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ सांस संबंधी बीमारी है. यह पहली बार साल 2012 में सऊदी अरब में पाया गया था.

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