'लाश' बनकर सतीश शाह ने लगवाए थे ठहाके, कॉमेडी टाइमिंग ने जीता दिल
अस्पताल में ली अंतिम सांस
शनिवार को किडनी फेलियर के कारण मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली.
दोस्त ने दुखद खबर की पुष्टि की
उनके करीबी दोस्त और निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर की पुष्टि की.
कॉमेडी से जीते लाखों दिल
सतीश शाह की कॉमेडी टाइमिंग और अनोखे अंदाज ने लाखों दिलों को जीता था.
मुबंई में हुआ था जन्म
सतीश शाह का जन्म 25 जून 1951 को मुंबई में हुआ था.
डी’मेलो का किरदार आज भी दिलों में जिंदा
1983 में आई फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ में उनका किरदार डी’मेलो दर्शकों को आज भी याद है.
'लाश' से लोग हुए थे हंसी से लोटपोट
इस फिल्म में वह एक ‘लाश’ के रोल में नजर आए, जिसे देखकर लोग हंसी से लोटपोट हो गए.
हर एक किरदार ने घर-घर में किया मशहूर
इसके अलावा ‘ये जो है जिंदगी’ में उनके अलग-अलग किरदारों ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया.
‘सराभाई वर्सेज सराभाई’ से मिली खास पहचान
सतीश शाह को असली पहचान टीवी सीरीज ‘सराभाई वर्सेज सराभाई’ से मिली.
कॉमेडी टाइमिंग से जीता सबका दिल
इस शो में उन्होंने इंद्रजीत सराभाई यानी इंदूभाई का किरदार निभाया था और सतीश शाह ने कॉमेडी टाइमिंग ने सबका दिल जीता है.