कृष्ण जन्माष्टमी पर क्या करें और क्या नहीं
जन्माष्टमी पर सुबह जल्दी उठें
सुबह स्नान और ध्यान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें और व्रत रखने वाले भक्त श्रद्धा से व्रत का संकल्प लें.
लड्डू गोपाल का करें अभिषेक
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करें. इसके बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाएं, सुंदर श्रृंगार करें और प्रेमपूर्वक भोग लगाएं.
अर्धरात्रि में करें विशेष पूजा
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अर्धरात्रि में माना जाता है. इसलिए व्रत रखने वाले भक्त रात में जन्म के समय विधि विधान से पूजा और आरती करें.
कृष्ण मंत्र का करें जाप
जन्माष्टमी पर तुलसी की माला से भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. राधा रानी की पूजा और उनके मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं.
गाय और जरूरतमंदों की करें सेवा
इस दिन गाय को रोटी खिलाना शुभ माना जाता है. अपनी क्षमता के अनुसार ब्राह्मण, गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और उनकी मदद करें.
दान पुण्य और सेवा करें
अनाथालय या वृद्धाश्रम में जरूरत की वस्तुएं या भोजन दान करना अच्छा माना जाता है. बुजुर्गों और गुरुजनों की सेवा भी करें.
प्रकृति और पशु पक्षियों का रखें ध्यान
भगवान कृष्ण को प्रकृति और पशु पक्षियों से प्रेम करने वाला माना जाता है. जन्माष्टमी पर पेड़ पौधों की देखभाल करें और पशु पक्षियों को नुकसान न पहुंचाएं.
तामसिक भोजन से रहें दूर
जन्माष्टमी के दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए. व्रत रखने वाले अपनी परंपरा के अनुसार सात्विक भोजन करें.
तुलसी के पत्ते न तोड़ें
धार्मिक मान्यता के अनुसार जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. पूजा के लिए तुलसी चाहिए तो एक दिन पहले ही पत्ते तोड़कर रख लेना उचित माना जाता है.
क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें
इस पावन दिन किसी से झगड़ा, अपशब्द और क्रोध करने से बचें. मन को शांत रखें और भगवान कृष्ण के नाम का जाप तथा धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करें. कुछ धार्मिक मान्यताओं में इस दिन चावल खाने से भी बचने की सलाह दी जाती है.