इस साल मकर संक्रांति क्यों है सबसे खास? बन रहे हैं ये दुर्लभ शुभ योग
Kuldeep Sharma
05 Jan 2026
मकर संक्रांति 2026 कब है?
मकर संक्रांति 2026 में 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे उत्तरायण की शुरुआत होगी.
इस अनुराधा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग
इस साल मकर संक्रांति अनुराधा नक्षत्र में पड़ रही है. यह नक्षत्र मित्रता, भक्ति और सफलता का प्रतीक माना जाता है, जिससे पर्व का महत्व और बढ़ गया है.
क्यों खास है मकर संक्रांति 2026
अनुराधा नक्षत्र, षटतिला एकादशी और उत्तरायण सूर्य तीनों का संगम इस मकर संक्रांति को अत्यंत दुर्लभ और पुण्यकारी बना रहा है.
वृश्चिक राशि में रहेंगे चंद्र
संक्रांति के दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगें. इससे तप, साधना और दान का फल कई गुना बढ़ने का योग बन रहा है.
षटतिला एकादशी का महासंयोग
14 जनवरी को षटतिला एकादशी व्रत भी है. इस दिन तिल से जुड़ा दान और भगवान विष्णु की पूजा अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है.
सूर्य पूजा और दान का श्रेष्ठ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दोपहर 3:06 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे. सुबह 8:46 बजे के बाद स्नान-दान विशेष फलदायी रहेगा.
खरमास होगा समाप्त- शुभ कार्यों की शुरुआत
मकर संक्रांति के साथ एक माह से चला आ रहा खरमास समाप्त हो जाएगा. इसके बाद धार्मिक और मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे.
ग्रहों की खास स्थिति- ग्रह योग बढ़ाएंगे पुण्य
शनि मीन, गुरु मिथुन और मंगल-शुक्र-बुध धनु राशि में स्थित हैं. आने वाले दिनों में ये ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे संक्रांति का प्रभाव और शुभ हो जाएगा.
उत्तरायण सूर्य का आध्यात्मिक महत्व
उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा गया है. सूर्य को अर्घ्य देने से स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मिक शांति प्राप्त होती है.