लड्डू गोपाल की छठी कैसे मनाएं, जानें विधि और भोग
लड्डू गोपाल की छठी का महत्व
लड्डू गोपाल के जन्म के बाद छठी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. इस दिन विशेष पूजा और भोग लगाने की परंपरा है.
सुबह स्नान से करें शुरुआत
छठी के दिन सुबह लड्डू गोपाल को प्रेमपूर्वक उठाएं. इसके बाद दूध में जल मिलाकर उन्हें स्नान कराएं.
पीले वस्त्र पहनाएं
स्नान के बाद लड्डू गोपाल को साफ और सुंदर पीले रंग के वस्त्र पहनाएं. उन्हें श्रृंगार करके आसन पर विराजमान करें.
घर पर बनाएं काजल
लड्डू गोपाल की छठी पर घर में काजल बनाकर उन्हें लगाने की परंपरा है. अपनी छोटी उंगली से प्रेमपूर्वक काजल लगाएं.
आरती करके लगाएं भोग
श्रृंगार के बाद लड्डू गोपाल की विधि विधान से आरती करें. उन्हें बिना प्याज और लहसुन से बना सात्विक भोजन ही अर्पित करें.
कढ़ी चावल का लगाएं भोग
छठी के अवसर पर लड्डू गोपाल को कढ़ी और चावल का भोग लगाया जाता है. भोग को श्रद्धा और प्रेम से अपने हाथों से तैयार करें.
माखन मिश्री और पंजीरी चढ़ाएं
लड्डू गोपाल को माखन मिश्री और धनिया की पंजीरी भी अर्पित करें. इसके साथ खीर का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है.
तुलसी दल जरूर रखें
लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें. मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण को तुलसी बेहद प्रिय है.
शाम को झूला झुलाएं
लड्डू गोपाल की छठी विशेष रूप से शाम के समय मनाई जाती है. उन्हें सुंदर झूले पर बैठाकर झूला झुलाएं और भजन गाएं.
वार फेरकर बांटें प्रसाद
पूजा के अंत में कुछ पैसे लेकर लड्डू गोपाल के ऊपर से वार फेरें. इसके बाद भोग का प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य भक्तों में बांटें.