पाकिस्तान का हुस्न-ए-बाजार... हीरामंडी


पाकिस्तान के रेड लाइट एरिया की चर्चा

    पाकिस्तान के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया की इन दिनों चर्चा है. इस रेड लाइट एरिया को हीरा मंडी के नाम से जाना जाता था. इस हीरा मंडी की अनोखी कहानी है.

Credit: Photo Credit- Social Media

पहले अलग थी पहचान, अब अलग

    पाकिस्तान के इलाके को दुनिया हीरा मंडी के नाम से जानती है. रेड लाइट एरिया बनने से पहले इसकी अलग पहचान थी और अब जिस्मफरोशी के बंद होने के बाद अलग पहचान है.

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रेडलाइट एरिया से पहले अनाज मंडी

    हीरा मंडी के रेड लाइट एरिया बनने से पहले इसकी पहचान अनाज के मंडी के रूप में थी. लेकिन धीरे-धीरे यहां जिस्मफरोशी पनपने लगा. अब इस इलाके की पहचान म्यूजिक इंस्ट्यूमेंट्स की शॉप्स से है.

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हीरा मंडी के नाम के पीछे की कहानी

    हीरा मंडी का नाम सिख महाराजा रणजीत सिंह के मंत्री हीरा सिंह के नाम पर रखा गया था. यहां तवायफों के कोठे खुलने लगे तो महाराजा रणजीत सिंह ने इसे बचाने की काफी कोशिश की थी.

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सुबह अनाज, शाम को हुस्न का बाजार

    हीरा मंडी में सुबह के वक्त अनाज का भंडार दिखता था और शाम होते ही हुस्न के दीवाने अपनी 'शारीरिक भूख' मिटाने इस हीरा मंडी की ओर बढते चले आते थे.

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हीरा मंडी से निकलीं कई शख्सियतें

    हीरा मंडी से पाकिस्तान की कई शख्सियतें निकलीं हैं. इनमें बाबरा शरीफ आलिया, फिरदौस बेगम, नादिरा बेगम, नीली, अंजुमन बेगम, अझारा जहां, साएमा जहां, माला, शामीन बेगम शामिल हैं.

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2010 के बाद बदल गई पूरी कहानी

    हीरा मंडी में साल 2010 में 2 बम धमाके हुए. इस धमाके के बाद हीरामंडी में जो कुछ थोड़े बचे हुए तवायफों के कोठे थे, वे भी बिलकुल बंद हो गए.

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धमाकों के बाद ऐसे बदली किस्मत

    धमाकों के बाद तवायफों ने इस पेशे से दरकिनार होने के लिए मुहीम चलाई. कुछ तवायफों ने बड़ा कदम उठाते हुए म्यूजिकल ग्रुप बनाया और इस पेशे से तौबा कर लिया.

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300 कमरे, 3 घंटे हुस्न का सजता था बाजार

    हीरा मंडी की तंग गलियों में करीब 300 कमरे थे, जहां 50 के दशक में रोजाना रात 10 बजे से तीन घंटे यानी देर रात 1 बजे तक मुजरा चलता था. अभी भी लाहौर के कुछ इलाकों में ऐसी महफिलें सजती हैं.

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जिस्मफरोशी की क्या है कहानी?

    भारत-पाकिस्तान बंटवारे से पहले अंग्रेजों ने मुजरा करने वाली तवायफों से जबरन प्रॉस्टिट्यूशन करना शुरू कर दिया, जिसके बाद कई तवायफों को इस काले धंधे में मजबूरन उतरना पड़ा.

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हीरामंडी की चर्चा क्यों?

    बॉलीवुड के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संजय लीला भंसाली हीरामंडी पर वेबसीरीज बना रहे हैं. 'हीरामंडी: द डायमंड बाजार' के जरिए भंसाली ओटीटी डेब्यू कर रहे हैं. सीरीज का ट्रेलर आज रिलीज होगा.

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