पिछले 10 सालों में सोने में हुए ये बड़े बदलाव


Sagar Bhardwaj
14 Jan 2024

स्पॉट प्राइस 126 प्रतिशत बढ़ा

    भारत में मोदी सरकार के आने के बाद से सोने के हाजिर भाव (स्पॉट प्राइस) में 126 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है.

2014 में 27000 था सोना

    मोदी के पहली बार पीएम बनने के दौरान देश में फिजिकल गोल्ड की कीमत 27000-28000 रुपए प्रति 10 ग्राम के बीच थी. लेकिन मई 2023 में यह कीमत 60000-61000 रुपए पर पहुंच गई.

10 सालों में 126% बढ़े दाम

    यानी पिछले 10 साल में सोने का दाम 126% बढ़ चुका है. वहीं मई 2014 से अब तक फ्यूचर गोल्ड में 131 प्रतिशत की तेजी देखी गई है.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से आई क्रांति

    मोदी सरकार के कार्यकाल में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसी पहलों ने सोने के सुरक्षित निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ सोने के आयात में भी कटौती की है. इससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत हुआ है.

नोटबंदी में जमकर खरीदा गया गोल्ड

    नोटबंदी के ऐलान के तुरंत बाद सोने की खरीद में बंपर उछाल आया था और कीमत 3 साल के हाई पर पहुंच गई थी. कोरोना महामारी के दौरान भी सोने की कीमतों में बड़ी तेजी देखी गई थी.

कोरोना में भी हुई जमकर खरीद

    कोरोना में जब दुनिया मंदी की मार झेल रही थी तो निवेशकों ने अन्य विकल्पों में निवेश के बजाय सोने में निवेश को सबसे सुरक्षित माना.

2015 में लॉन्च हुई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम

    इसके अलावा मोदी सरकार ने साल 2015 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को लॉन्च किया था. इसका मकसद फिजिकल गोल्ड की खरीद और गोल्ड के आयात में कमी लाना था.

गोल्ड खरीद पर 3 फीसदी जीएसटी

    गोल्ड ज्वैलरी की खरीद पर 3 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है.

मात्र एक रुपए में भी खरीद सकते हैं सोना

    आज आप डिजिटल गोल्ड की बदौलत 1 रुपए में भी सोना खरीद सकते हैं.

हॉलमार्किंग अनिवार्य

    देश में अब गोल्ड ज्वैलरी और गोल्ड आइटम्स पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई है. ज्वैलर्स बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी नहीं बेच सकते हैं.

अल्फा न्यूमेरिक HUID वाली हॉलमार्किंग वेलिड

    देश में केवल 6 अंकों के अल्फा न्यूमेरिक HUID की मौजूदगी वाली हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी ही बेचने की इजाजत है.

More Stories