यहां गुलाल और रंगों से नहीं लड्डू से खेली जाती है होली


होली

    रंगो के त्योहार होली को भारत में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है.

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25 मार्च को होली

    इस बार होली 25 मार्च को है. लेकिन इस पर्व को मनाने की तैयारियां महीनों पहले शुरू हो चुकी थी.

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लड्डू मार होली

    वैसे तो होली गुलाल से खेली जाती है लेकिन एक ऐसी भी जगह हैं जहां लड्डू मार होली खेली जाती है.

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बरसाना

    लड्डू मार होली बरसाना में खेली जाती है.

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लड्डू की होली

    लड्डू मार होली को में लोग एक दूसरे पर लड्डू की मार करते हैं.

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सदियों पुरानी परंपरा

    यह परंपरा सदियों पुरानी है. हजारों साल से बरसाना वासी लड्डू मार होली खेलते नजर आ रहे हैं.

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खेली गई लड्डू मार होली

    रविवार को बरसाने में 20 लाख क्विंटल लड्डू से होली खेली गई. इस होली को देखने 5 लाख से अधिक भक्त मथुरा पहुंचे.

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लड्डू मार होली की कहानी

    पौराणिक कथा की मानें तो जब राधा के पिता ने नंद बाबा को होली का न्योता भेजा तो निमंत्रण स्वीकार करा और अपने पुरोहित पुरोहित से बरसाना जाते हैं.

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लड्डू मार होली की शुरुआत

    नंद बाबा के पुरोहित पर राधा रानी और उनकी सहेलियां रंग और गुलाल की बारिश करती हैं. पुरोहित के पास लड्डू था तो उन्होने उसी से होली खेली. इसी के बाद से बरसाने मे लड्डू मार होली खेली जाने लगी.

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