क्या होता है Avian flu जिसकी वजह से केरल में मचा है हड़कंप?


एवियन फ्लू

    केरल के अलाप्पुझा में बर्ड फ्लू ने जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को एक बार परेशानी में ला दिया है.

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टाइप ए इन्फ्लूएंजा वायरस

    बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा को H5N1 भी कहा जाता है. यह बीमारी पक्षियों को प्रभावित करती है. बता दें, टाइप ए इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण यह बीमारी फैलती है.

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इंसानों को है खतरा

    यह पक्षियों के साथ-साथ इंसानों को भी प्रभावित कर सकता है. इंसानों में यह तब फैलता है जब व्यक्ति किसी इंफेक्टेड पक्षी के संपर्क में आता है.

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इन हिस्सों में करता है अटैक

    यह वायरस पक्षियों की आंतों या रेस्पिरेटरी सिस्टम पर अटैक करता है.

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मृत्यु का खतरा

    बर्ड फ्लू वायरस के कुछ स्ट्रेन इंसान और जानवरों को भी इंफेक्ट कर सकता है. इसके कारण गंभीर बीमारी या मृत्यु भी हो सकती है.

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पक्षी के संपर्क में न आएं

    आमतौर पर यह वायरस जंगली पक्षियों के जरिए पालतू पक्षियों में फैलती है. इसलिए इंफेक्टेड पक्षी और उनके बीट के संपर्क में न आएं.

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लक्षण

    इस वायरस के दौरान बुखार, खांसी, गला खराब होना, मांसपेशियों में दर्द, थकान, जैसे लक्षण नजर आते हैं. अगर मामला गंभीर हो जाए तो फ्लू से निमोनिया, रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, ऑर्गन फेलियर या मृत्यु भी हो सकती है

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चिकन को अच्छे से पकाएं

    एक्सपर्ट्स के अनुसार बर्ड फ्लू के समय चिकन और अंडे को अच्छे से पका कर खाएं. ऐसा माना जाता है कि एक टेंपरेचर पर जाकर बर्ड फ्लू वायरस के साथ बैक्टीरिया और वायरस को मार सकता है.

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कच्चे चिकन का न करें सेवन

    कच्चे चिकन का सेवन न करें. खाने से पहले इन्हें पूरी तरह से पकाएं और हमेशा कच्चे चिकन को एक अलग कंटेनर या बैग में रखें.

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