क्यों हमास की मदद नहीं कर रहे मुस्लिम देश?


    हमास ने 7 अक्टूबर को एकाएक हजारों रॉकेट इजरायल पर दागकर इस जंग की शुरूआत की थी.

    इजरायल ने हमले का करारा जवाब देते हुए फिलिस्तीन पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर रहा है.

    इन हवाई हमलों में सैकड़ों निर्दोष लोगों की मौत हुई है. निर्दोषों की मौत पर मुस्लिम देशों ने आपत्ति जताई है.

    इस जंग में इजरायल की मदद अमेरिका कर रहा है. वहीं हमास ने भी सैन्य मदद की गुहार कई मुस्लिम देशों से लगाई है.

    इजरायल में सीरिया और लेबनान की ओर से रॉकेट दागे जा रहे हैं.

    ईरान, सीरिया और लेबनान को छोड़कर कोई बड़ा देश हमास की मदद करने आगे नहीं आ रहा है.

    सऊदी से लेकर तमाम दूसरे अरब देश जानते हैं उनकी अर्थव्यवस्था तेल पर संचालित है. कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आने वाला समय ग्रीन और क्लीन एनर्जी पर बेस्ड होगा.

    ऐसे में तमाम मुस्लिम राष्ट्रों की कोशिश है कि वे खुद को IT और मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्रों में खुद को स्थापित कर लें.

    मुस्लिम देशों को इस क्षेत्र में प्रभावी और मजबूत होने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत अमेरिका और इजरायल जैसे देशों की होगी.

    इन्हीं कारणों से कोई मुस्लिम राष्ट्र तत्कालीन संकट में नहीं पड़ना चाहता है जिससे कि उनका भविष्य गर्त के अंधेरे में चला जाए.

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