चार CM, 12 पूर्व CM भी ED की रडार पर, देखें लिस्ट
अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली
ED आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में शामिल हैं. ED की ओर से पूछताछ के लिए अरविंद केजरीवाल को अब तक चार समन भेजा जा चुका है.
रेवंत रेड्डी, मुख्यमंत्री, तेलंगाना
कांग्रेस नेता 2015 में TDP में थे. आरोप है कि रेड्डी ने 2015 में MLC चुनावों में अपने पक्ष में वोट के लिए एक विधायक को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत दी थी.
पिनाराई विजयन, मुख्यमंत्री, केरल
प्रवर्तन निदेशालय ने अप्रैल 2021 में जांच शुरू की. मामला इडुक्की में जलविद्युत परियोजनाओं के आधुनिकीकरण से जुड़ा है. पिनाराई विजयन उस समय केरल के बिजली मंत्री थी.
वाईएस जगन मोहन रेड्डी, मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश
ED ने 2015 में उनके खिलाफ PMLA जांच शुरू की गई. मामला जगन के मालिकाना हक वाली भारती सीमेंट्स के वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है.
भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
बघेल अपनी सरकार के दौरान कोयला परिवहन, शराब की दुकानों के संचालन और महादेव गेमिंग ऐप में अनियमितताओं से संबंधित ED की जांच का सामना कर रहे हैं.
लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, बिहार
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव कथित IRCTC घोटाले और नौकरी के बदले जमीन मामले में मुख्य आरोपी हैं.
भूपिंदर सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
मानेसर भूमि सौदा मामला और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को पंचकुला में भूमि आवंटन मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ ED जांच पड़ताल कर रही है.
अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान
राजस्थान एम्बुलेंस घोटाला' मामले में गहलोत का नाम भी शामिल है. 2015 में दर्ज किया गया ये मामला 2010 में फर्जी तरीके से ज़िकित्जा हेल्थकेयर को '108' एम्बुलेंस सेवा चलाने के टेंडर से जुड़ा है.
अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
अखिलेश यादव ED और CBI दोनों केंद्रीय जांच एजेंसी का सामना कर रहे हैं. मामला गोमती रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ खनन ठेकों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है.
मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
मायावती का नाम फिलहाल किसी भी जांच एजेंसी की ओर से दर्ज किए गए मामले में शामिल नहीं है. लेकिन आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान कई प्रोजेक्ट्स और योजनाएं जांच के दायरे में हैं.
फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ साल 2022 में चार्जशीट दाखिल की थी.
उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
ED ने 2022 में जम्मू-कश्मीर बैंक के वित्तीय मामलों और उसके डायरेक्टर्स की नियुक्ति से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में उमर से पूछताछ की थी.
महबूबा मुफ्ती, पूर्व मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
मामला जम्मू-कश्मीर बैंक से जुड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले में छापेमारी के दौरान ED ने दो डायरी जब्त की थी, जिसमें मुफ्ती परिवार को किए गए कथित भुगतान का जिक्र है.
नबाम तुकी, पूर्व मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश
जुलाई 2019 में CBI ने भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत तुकी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. CBI की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था.
ओकराम इबोबी सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री, मणिपुर
भ्रष्टाचार के एक मामले में CBI ने नवंबर 2019 में सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की थी. मामला मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी में 332 करोड़ रुपये की हेराफेरी से जुड़ा है.
शंकर सिंह वाघेला, पूर्व मुख्यमंत्री, गुजरात
शंकर सिंह वाघेला ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों का सामना कर रहे हैं. आरोप है कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री रहने के दौरान शंकर सिंह वाघेला ने मुंबई में सरकारी जमीन का सौदा किया था
अजित पवार, डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र
अजीत पवार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम हैं. महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के संचालन में कथित अनियमितताओं के संबंध में अजित ED की जांच का सामना कर रहे हैं.