भगवद गीता के श्लोक, भगवान कृष्ण की पेंटिंग... देखें सुदर्शन सेतु की तस्वीरें


Om Pratap
25 Feb 2024

पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के सबसे लंबे केबल ब्रिज 'सुर्दशन सेतु' का उद्घाटन किया. इसे सिग्नेचर ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है.

ओखा से बेट द्वारका को जोड़ेगा ब्रिज

    सुदर्शन सेतु यानी सिग्नेचर ब्रिज बेट द्वारका द्वीप को ओखा से जोड़ेगा. 2.32 किमी लंबा पुल, जो गुजरात के सौराष्ट्र तट के साथ चलने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 51 का हिस्सा है.

गुजरात का पहला समुद्री लिंक

    गुजरात का पहला समुद्री लिंक देवभूमि द्वारका जिले के ओखा शहर और कच्छ की खाड़ी में बेट द्वारका द्वीप को जोड़ने वाला ये पुल कुशल इंजीनियरिंग का कमाल है.

32 खंभे, 22 मीटर ऊंचे दो टावर

    सुदर्शन सेतु में 31 खंभे हैं, जबकि 22 मीटर ऊंचे दो टावर भी लगे हैं, जो समुद्र की सतह से लगभग 18 मीटर ऊपर उठे हुए हैं. इससे मछली पकड़ने वाली नौकाओं की आवाजाही में आसानी होगी.

ब्रिज के दोनों ओर पैदल मार्ग

    27 मीटर चौड़े कैरिजवे के अलावा, सिग्नेचर ब्रिज के दोनों ओर पैदल मार्ग भी हैं, जिनके स्तंभों को भगवद गीता के श्लोकों और भगवान कृष्ण की छवियों से सजाया गया है.

सौर पैनल से सुसज्जित है ब्रिज

    गुजरात सरकार के अधिकारियों ने कहा कि ये रास्ते सौर पैनलों से सुसज्जित हैं, जिनकी कुल क्षमता 1 मेगावाट बिजली पैदा करने की है.

978 करोड़ की लागत से बना है ब्रिज

    चार लेन वाले पुल का निर्माण 978 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. वर्तमान में, बेट द्वारका और ओखा के बीच परिवहन का एकमात्र साधन द्वीप से ओखा तक चलने वाली नौका नाव सेवा है.

हर मौसम में मिलेगी कनेक्टिविटी

    सुदर्शन सेतु के जरिए पहली बार बेट द्वारका द्वीप को हर मौसम में सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी.ये द्वीप हिंदुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां श्री द्वारकाधीश मुख्य मंदिर, भगवान कृष्ण को समर्पित एक मंदिर है.

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