सोने की छेनी... चांदी का हथौड़ा, जानें कैसे बना रामलला का दिव्य स्वरूप


सोने, हीरे, माणिक्य और पन्ने का हुआ इस्तेमाल

    आभूषणों को तैयार करने में सोने, हीरे, माणिक्य और पन्ना का इस्तेमाल किया गया है.

14 दिन का लगा समय

    इन आभूषणों को तैयार करने में 14 दिन का समय लगा.

हरसहायमल श्यामलाल ज्वेलर्स ने बनाए आभूषण

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आभूषणों को बनाने की जिम्मेदारी हरसहायमल श्यामलाल ज्वेलर्स को दी गई थी.

70 कारीगर लगे

    ज्वेलर्स ने बताया कि 70 कुशल कारीगरों ने 24 घंटे काम करके इन आभूषणों को तैयार किया था.

मात्र 14 दिन का समय मिला

    ज्वेलर्स ने बताया कि रामलला की मूर्ति का चुनाव ट्रस्ट ने 28 दिसंबर 2023 को किया था इसलिए आभूषण बनाने के लिए मात्र 14 दिन का समय मिला था.

सोने की हथौड़ी से बने रामलला के नेत्र

    रामलला के नेत्र गढ़ने के लिए सोने की छेनी और चांदी की हथौड़ी का प्रयोग हुआ.

सभी आभूषण हाथ से बने

    शोरूम के निदेशक मोहित आनंद ने बताया कि रामलला के सभी आभूषण हाथ से बनाए गए हैं. सभी आभूषणों की जांच IGI से कराई गई.

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