पर्दे का रावण जिसे अपने किरदार के चलते अयोध्या के मंदिर में नहीं मिली थी एंट्री


'रावण' का किरदार

    तो वहीं दूसरी तरफ 'रावण' का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी को काफी जिल्लत झेलनी पड़ी.

असल का रावण

    लोग अरविंद त्रिवेदी को असल में 'रावण' मानने लगे थे और उनसे नफरत भी करते थे.

लगा झटका

    हालांकि, अरविंद तो लोगों की बातों से फर्क नहीं पड़ता था, लेकिन सास 1994 कुछ ऐसा हुआ जिससे उन्हें काफी झटका लगा.

अयोध्या के हनुमानगढ़ी

    दरअसल, अरविंद तब अयोध्या के 'हनुमानगढ़ी' में संकटमोचन हनुमानजी के दर्शन करने पहुंचे थे.

अंदर आने से रोका

    लेकिन, मंदिर के प्रमुख पुजारी ने अरविंद त्रिवेदी को मंदिर के अंदर आने से रोक दिया.

नाराज पुजारी

    सीरियल 'रामायण' में 'राम' के लिए अपशब्द से पुजारी इतने नाराज थे कि वो ये भी भूल गए कि अरविंद सिर्फ अपना किरदार निभा रहे थे.

बिना दर्शन लौटे

    अरविंद त्रिवेदी ने दर्शन के लिए पुजारी के आगे बहुत विनती की लेकिन वो अपनी बात पर अड़े रहे और तब अरविंद को बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ा.

रामायण के दोहे

    कहा जाता है कि अरविंद इस घटना से इतने आहत हुए कि किरदार का प्रायश्चित करने के लिए अपने घर की दीवारों पर रामायण के दोहे-चौपाई लिखवा दिए.

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