संत प्रेमानंद महाराज के जीवन की ये सच्चाई क्या जानते हैं आप?


India Daily Live
14 Mar 2024

इस उम्र में बने थे संत

    संत प्रेमानंद महाराज ने 13 वर्ष की उम्र में दीक्षा ली थी. प्रेमानंद महाराज का नाम आरयन ब्रह्मचारी रखा गया था.

ये है असली नाम

    प्रेमानंद महाराज का असली का नाम अनिरूद्ध कुमार पांडेय है. इनके पिता शंभ पांडेय और माता रामा देवी है.

दर्शन को आते हैं सेलब्रिटी से लेकर नेता

    प्रेमानंद महाराज के दर्शन को क्रिकेट, मनोरंजन जगत के सेलिब्रिटी, राजनीति से जुड़े बड़े लोग व प्राशासनिक अफसर भी आते हैं.

यहां हुआ था जन्म

    प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसौल में हुआ था.

वृंदावन से पूर्व थे ज्ञानमार्गी

    वृंदावन आने से पूर्व महाराज जी ज्ञानमार्गी संन्यासी थे.

राधा रानी के बन गए भक्त

    इन्होंने राधावल्लभी संप्रदाय से दीक्षा ली है. श्रीकृष्ण की लीला को देखकर उनका हृदय परिवर्तन हुआ और वे राधा रानी के भक्त हो गए.

रहे थे भूखे

    संन्यासी जीवन के शुरुआती दिनों में वे कई दिनों तक भूखे रहे थे. वे अपने घर को त्यागकर वाराणसी आ गए थे.

यहां है आश्रम

    संत प्रेममानंद महाराज का आश्रम श्रीहित राधा केली कुंज वृंदावन में है.

किडनी हैं खराब

    महाराज जी की किडनियां खराब हैं और वे डायलिसिस कराते हैं.

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