1.7 करोड़ कमाने वाले ने नौकरी से कर ली तौबा, वजह जानकर डर जाएंगे आप

कई लोगों का सपना होता है कि उन्हें McKinsey & Company में एक बार काम करने का मौका मिल जाए, लेकिन इस सख्स ने डेढ़ साल के भीतर कंपनी छोड़ दी. आखिर क्यों जानें...

India Daily Live

लोगों की 20-30 हजार की नौकरी छूट जाने पर सांसें हांफने लगती है, लेकिन यहां तो एक शख्स ने 1.7 करोड़ रुपये की नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया. आपको यह जानकर हैरानी हो रही होगी लेकिन यह बिल्कुल सच है.  McKinsey & Company में 1.7 करोड़ सालाना कमाने वाले शख्स ने डेढ़ साल के भीतर ही नौकरी छोड़ दी. जब आप उसके नौकरी छोड़ने की वजह जानेंगे तो आपका पसीना छूट जाएगा.

'सुबह 8 से रात 11 बजे तक करता था काम'

नाम उजागर ना करने की शर्त पर शख्स ने बताया कि वह हर दिन कंपनी के लिए सुबह 8 बजे से रात साढ़े ग्यारह बजे तक काम करता था और यही वह वजह थी जिसने उसे नौकरी छोड़ने के लिए प्रेरित किया.


'बाथरूम जाना भी भूल जाता था'

शख्स ने कहा कि मैं अपनी डेस्क से हिल नहीं सकता था, खाना खाना भूल जाता था, जिसके कारण मेरा वजन लगातार गिर रहा था. मैं बाथरूम जाने के लिए भी बहुत कम उठता था. मुझे अपनी डेस्क से उठने की याद तभी आती थी जब उदास होकर मेरा कुत्ता मुझ पर भौंकने  लगता था. शख्स ने ऐसोसिएट के पद पर साल 2021 में कंपनी जॉइन की थी.

तीन वजह से छोड़ी नौकरी

1. सीनियर्स से नहीं मिला सपोर्ट
शख्स ने कहा कि McKinsey  में काम करते हुए मुझे सबसे ज्यादा अप्रेंटिस की कमी खली. मुझे उम्मीद थी कि मुझे यहां कुछ सीखने को मिलेगा लेकिन मुझे सिखाने वाला कोई नहीं था... लेकिन मैं वहां द्वीप पर अकेला था और मेरी मैनेजर दूसरे काम में डूबी हुई थी. मैंने महसूस किया कि मैं यहां कुछ भी नहीं सीख रहा हूं.

2. कुछ सहयोगी और साथी थे मतलबी
शख्स ने कहा कि McKinsey   में मुझे सबसे खराब और सबसे अच्छे शख्स मिले. कुछ विश्लेषक और असोसिएट्स काफी कूल थे लेकिन कुछ पार्टनर्स बेहद मतलबी थे. वे गलतियों पर भड़क जाते थे और हमारी बाते ही नहीं सुनते थे.

3. मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा बुरा असर
शख्स ने कहा कि  McKinsey   में काम करने के दौरान उसे मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर हुआ. शख्स ने कहा कि इस वजह से वह अक्सर चिल्लाने लगता था और उसे चिंता और तनाव को दूर करने के लिए दवा लेनी पड़ती थी जिसके कारण उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया. शख्स ने कहा इस नौकरी से पहले उसने कभी भी मानसिक स्वास्थ की दवा नहीं ली थी.