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अंतरिक्ष में जाने से इंसान की उम्र नहीं बढ़ती, वो हमेशा जवान रहता है? जानें इसके पीछे की असली कहानी क्या है

Age Factor In Space: क्या जो यात्री अंतरिक्ष पर जाते हैं उनकी उम्र नहीं बढ़ती? क्या वो हमेशा जवान रहते हैं? आइए इन सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

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Gyanendra Tiwari
अंतरिक्ष में जाने से इंसान की उम्र नहीं बढ़ती, वो हमेशा जवान रहता है? जानें इसके पीछे की असली कहानी क्या है

नई दिल्ली. भारत के चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) चांद पर परचम लहरा दिया है. इसके बाद से पूरी दुनिया में सिर्फ और सिर्फ अंतरिक्ष की ही चर्चा हो रही है. स्पेस में कई देश अपने अंतरिक्ष यात्री भेज चुके हैं.  एलन मस्क की कंपनी स्पेस - X ने बीते कल 4 एस्ट्रोनॉट्स (Astronauts) को अंतरिक्ष में भेजा है. सोशल मीडिया पर स्पेस को लेकर कई तरह के मिथक सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं. एक मिथक ये भी है कि आखिर क्या जो यात्री अंतरिक्ष पर जाते हैं उनकी उम्र नहीं बढ़ती? क्या वो हमेशा जवान रहते हैं? आइए इन सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

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स्पेस यात्रियों में कई बदलाव
पिछले कई दशकों से अंतरिक्ष में कई देशों के एस्ट्रोनॉट्स (Astronauts) जा चुके हैं. ये सिलसिला जारी है. अंतरिक्ष यात्री स्पेस में समय बिताते फिर जब वो पृथ्वी पर वापसी करते हैं तो उनका टेस्ट किया जाता है. अंतरिक्ष से लौटने वाले यात्रियों में कई बदलाव देखने को मिलते हैं. इसका खुलासा कई रिसर्च में भी हो चुका है. जो भी यात्री अंतरिक्ष से यात्रा करके पृथ्वी पर वापसी करते हैं उनके शरीर में खून की कमी हो जाती है. यानी उनका खून कम हो जाता है, जोकि स्वाभाविक है. स्पेस से लौटे यात्रियों में हुई खून की कमी को स्पेस एनीमिया भी कहा जाता है.

क्या है अंतरिक्ष में उम्र न बढ़ने का सच?
हमने जिस सवाल से इस लेख की शुरुआत की थी आइए उसे जानने की कोशिश करते हैं. हमारा सवाल था कि क्या अंतरिक्ष में जाने से इंसान की उम्र नहीं बढ़ती वो हमेशा जवान रहता है? इसे लेकर नासा ने एक टेस्ट किया था. इस टेस्ट में कुछ बदलाव तो दिखे थे. इस टेस्ट के जरिए उन्होंने जानने की कोशिश की आखिर अंतरिक्ष में रह रहे यात्रियों और पृथ्वी में रह रहे इंसानों के बीच क्या फर्क होता है. इसका परीक्षण करने के लिए नासा ने दो जुड़वा भाइयो में स्कॉट केली को स्पेस भेज दिया और मार्क को धरती पर ही रखा.

स्कॉट केली ने अंतरिक्ष में करीब 340 दिन बिताए. जब वो वापस आए तो नासा के वैज्ञानिकों ने उनका परीक्षण किया. इस टेस्ट में पाया गया कि स्कॉट केली के जीन में कई बदलाव हैं. इन बदलावों की वजह से स्कॉट अपने भाई मार्क से अधिक जवान दिख रहे थे लेकिन 6 महीने बाद स्कॉट का जैसे थे वैसे हो गए. अब ये तो कंफर्म हो गया था कि जो अंतरिक्ष में रहता है उसकी उम्र धीमी गति के साथ बढ़ती है. जो यात्री स्पेस जाते हो उसी उम्र के दूसरे इंसान से थोड़े जवान दिखेंगे लेकिन पृथ्वी पर वापस आने के बाद आपके जीन और डीएनए में जो बदलाव हुए थे वो वापस वैसे ही नॉर्मल हो गए जैसे पहले थे. यानी स्पेस से धरती पर लौटने के बाद इंसान एक नार्मल इंसान की तरह हो जाता है.

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