menu-icon
India Daily
share--v1

12 साल का इंतजार अब होगा पूरा, 6 हजार फ्लैट बायर्स को नोएडा में मिलेगा अपना आशियाना

Unitec Builders Projects: यूनिटेक बिल्डर ग्रुप के प्रोजेक्ट्स में फंसे कस्टमर्स के लिए राहत भरी खबर है. नोएडा अथॉरिटी ने कंपनी के 10 हाउसिंह प्रोजेक्ट्स को पास कर दिया है. इसके चलते 12 साल से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे, फ्लैट बायर्स को उनका अपना घर मिल जाएगा. 

auth-image
India Daily Live
building
Courtesy: pexels

Unitec Builders Projects: अगर आपका भी पैसा यूनिटेक बिल्डर प्रोजेक्ट्स में फंसा हुआ है और आप अपने घर के सपने संजोए हुए हैं तो आपके सपने अब साकार होने वाले हैं. नोएडा अथॉरिटी ने इस कंपनी के प्रोजेक्ट्स के नक्शे पास कर दिए हैं. इससे इन प्रोजेक्ट्स के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. अथॉरिटी द्वारा ये नक्शे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पास किए गए हैं. 

नोएडा अथॉरिटी ने साल 2006-07 में यूनिटेक बिल्डर ग्रुप को जमीन आवंटित करनी शुरू कर दी थी. इसके लिए सेक्टर 96,97,98, 113 और 117 में अलग-अलग प्रोजेक्ट्स को लेकर अथॉरिटी ने बिल्डर ग्रुप को जमीन आवंटित की थी. आवंटित होने के कुछ समय बाद ही बिल्डर ने जमीन की कीमत देनी बंद कर दी. इससे बिल्डर का बकाया ज्यादा होता गया. इन सबके चलते कंपनी के चेयरमैन समेत अन्य लोग जेल चले गए. 

सरकार ने नियुक्त किया था बोर्ड

इन प्रोजेक्ट्स में इंवेस्ट करने वाले फ्लैट बायर्स की समस्या को देखते हुए सरकार की ओर से यूनिटेक प्रोजेक्ट्स के लिए एक बोर्ड नियुक्त किया गया था. इसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया. अब कोर्ट के आदेश पर ही नोएडा अथॉरिटी ने नक्शा पास कर दिया है. 

इन स्कीम्स में किया था लोगों ने इंवेस्ट 

अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक यूनिटेक बिल्डर की सेक्टर 96, 97.98 में 2 ग्रुप हाउसिंग के साथ ही विलेज 1 और 2 के नाम से प्लॉट आवंटित करने की स्कीम थी. इनमें 897 फ्लैट और और प्लॉट की बुकिंग अभी तक की जा चुकी है. सेक्टर 113 में 1 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट है, इनमें 1621 फ्लैट की बुकिंग बिल्डर की ओर से की जा चुकी थी. वहीं, सेक्टर 117 में 6 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स हैं, इनमें 3327 फ्लैट बनाए जाने हैं. अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स का कुछ हिस्सा बन भी चुका है. 

कई करोड़ रुपये हैं बकाया 

यूनिटेक बिल्डर ग्रुप पर अथॉरिटी का करीब 9 हजार करोड़ रुपये तक बकाया है. हालांकि पहले ये राशि कम थी पर इसपर ब्याज लगता गया और रकम बढ़ती गई. अथॉरिटी ने 156 हेक्टेयर से ज्यादा की जमीन इस ग्रुप को आवंटित की थी. इसमें भी करीब 90 हेक्टेयर जमीन अभी अलग-अलग शहरों में खाली पड़ी है. इसको लेकर अथॉरिटी ने कोर्ट में इस बात को भी रखा कि खाली पड़ी जमीन के आवंटन निरस्त किए जाएं, लेकिन कोर्ट ने अथॉरिटी को नक्शा पास करने का आदेश दिया और बकाए के लिए बाद में निर्णय लेने की बात की.