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बचके रहना रे बाबा! Deepfake के जाल से बचने के लिए करें ये 9 काम

Deepfake काफी तेजी से अपने पैर पसार रहा है. इस तरह के स्कैम से बचने के लिए आपको कुछ बातों का ख्याल रखना होगा. यहां जानें 9 टिप्स जो आपको Deepfake स्कैम का शिकार होने से बचा सकते हैं. 

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Shilpa Srivastava
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Deepfake को लेकर आ रहे मामले खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. हाल ही में एक नया मामला सामने आया है जिसमें Deepfake वीडियो कॉल के जरिए एक कंपनी से 207.6 करोड़ रुपये चुरा लिए गए हैं. हमने आपको इसके बारे में बताया भी है. जरा सोचिए, एक वीडियो कॉल ने करोड़ों रुपये उड़ा लिए तो हैकर्स इसे लेकर कितने ज्यादा लेवल पर काम कर रहे होंगे. खुद को इससे सुरक्षित कैसे रखा जाए, चलिए जानते हैं.

Deepfake स्कैम को लेकर आपको 9 बातों का खास ख्याल रखना होगा. अगर ऐसा न किया जाए तो स्कैमर्स कभी भी आपको अपने जाल में फंसा सकते हैं। 

Deepfake स्कैम से बचने के तरीका: 

जानकारी शेयर करते समय सावधान: आपको अपनी कोई भी जानकारी किसी के साथ शेयर करते समय सावधान रहना चाहिए. ऑनलाइन वेबसाइट्स पर अपने बारे में शेयर किया गया डाटा भी लिमिट करें. अपनी फोटोज को ऑनलाइन शेयर करने से बचें. क्योंकि हैकर्स इन्हीं का इस्तेमाल कर फेक वीडियो बनाते हैं. बिना सोचे समझे किसी की रिक्वेस्ट एक्सेप्ट न करें. 

स्ट्रॉन्ग प्राइवेसी सेटिंग्स: आपको सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सेटिंग्स को कस्टमाइज करना होगा जिससे कोई भी तीसरा व्यक्ति आपकी फोटो या डिटेल्स न देख पाए. उस डाटा का भी ख्याल रखें जिसे आपने पब्लिक किया हुआ है. पब्लिक की गई जानकारी कम हो तो बेहतर है. 

वॉटरमार्क फोटोज: अगर आप किसी को ऑनलाइन फोटोज या वीडियोज शेयर कर रहे हैं तो उस पर डिजिटल वॉटरमार्क जरूर लगाएं. ऐसा करने पर हैकर आपकी फोटोज या वीडियो का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. अगर वो इन्हें एडिट कर भी देते हैं तो भी साफ पता चल जाएगा कि यह मॉर्फ है. 

डीपफेक और एआई को लेकर जानकारी हासिल करें: आपको किसी सब्जेक्ट का ज्ञाता बनना जरूरी नहीं है लेकिन बेसिक जानकारी जरूर होनी चाहिए. डीपफेक क्या है और एआई का दायरा किनता बढ़ चुका है, यह जानकारी होना जरूरी है. इससे आपको किसी भी फेक कंटेंट को पहचानने में मदद मिलती है. 

मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: आपको अपने हर अकाउंट में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लगानी चाहिए. यह बेहद ही जरूरी है. इस तरह की प्राइवेसी के तहत आपके अकाउंट में केवल पासवर्ड से ही एंट्री नहीं होगी बल्कि एक और लेयर जुड़ जाएगी. इसमें फेस अनलॉक, फोन पर आए कोड आदि के लिए भी लॉगइन अप्रूव किया जाता है. यह हैकर्स को अकाउंट्स तक पहुंचने से रोकता है. 

यूनीक पासवर्ड: आपको पासवर्ड ऐसा रखना होगा जो यूनीक हो और कोई आसानी से उसे क्रैक न कर पाए. आसानी से पता लगने वाले पासवर्ड को अवॉयड करें. कैपिटल लैटर, स्मॉल लैटर, स्पेशल कैरेक्टर और नंबर्स को मिलाकर एक मजबूत पासवर्ड बनाएं.

सॉफ्टवेयर अपडेट रखें: हमेशा अपनी डिवाइस को अपडेट रखें. कई बार हैकर्स की कोशिशों पर डिवाइस अपडेट ही पानी फेर देते हैं. इन अपडेट्स में बग्स को फिक्स किए जाते हैं और सिक्योरिटी पैचेज दिए जाते हैं. 

डीपफेक कंटेंट की रिपोर्ट करें: अगर आपके पास कोई फॉवरर्डेड डीपफेक कंटेंट आता है जिसमें आपकी जान-पहचान का कोई व्यक्ति हो तो आपको तुरंत उसकी रिपोर्ट करनी चाहिए. क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो वो वीडियो या फोटो वायरल होने में देर नहीं लगती है. 

कानूनी सलाह लें: अगर आप डीपफेक के शिकार हो जाते हैं तो आपको तुरंत कानूनी सलाह लेनी होगी. यह समय हताश होने का नहीं बल्कि हिम्मत दिखाने का होता है. वतर्मान में डीपफेक को लेकर सरकार और साइबर सेल काफी एक्टिव हैं. 

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First Published : 07 February 2024, 05:00 PM IST