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Lok Sabha Elections 2024: बीजेपी ने छोड़ा हाथ तो कांग्रेस ने दिया घर वापसी का ऑफर, बताया क्यों नहीं मिला वरुण गांधी को लोकसभा टिकट

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव में पीलीभीत जिले से भाजपा ने कांग्रेस ने आए जितिन प्रसाद को टिकट दिया है. यहां से मौजूदा सांसद वरुण गांधी का टिकट काट दिया है. इस पर कांग्रेस ने उन्हें ऑफर दिया है.

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India Daily Live

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा (BJP) की ओर से टिकट नहीं मिलने पर वरुण गांधी (Varun Gandhi) को लेकर राजनीतिक दलों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. ऐसे में कांग्रेस (Congress) पार्टी ने उन्हें ऑफर दे दिया है. वरुण गांधी भाजपा से पीलीभीत के मौजूदा सांसद हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के लिए वरुण गांधी का बहुत स्वागत है.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अधीर चौधरी ने कहा कि भाजपा ने वरुण गांधी को चुनाव की दौड़ से बाहर करने का कारण गांधी परिवार में उनकी पारिवारिक जड़ें हैं. अधीर ने कहा कि वरुण गांधी को कांग्रेस में शामिल होना चाहिए. अगर वह शामिल होते हैं तो हमें खुशी होगी. वह एक बड़े और पढ़े-लिखे राजनेता हैं. उनकी छवि पारदर्शी है. उनके गांधी परिवार के साथ संबंध हैं. यही कारण है कि भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया. हम चाहते हैं कि वरुण गांधी अब कांग्रेस में शामिल हों. 

वरुण की जगह जितिन प्रसाद को दिया टिकट

भाजपा ने रविवार (24 मार्च) को अपने लोकसभा उम्मीदवारों की पांचवीं सूची जारी की थी. इस लिस्ट में से यूपी की पीलीभीत सीट से मौजूदा सांसद वरुण गांधी का नाम हटा दिया है. हालांकि पार्टी ने उनकी मां मेनका गांधी का सुल्तानपुर से टिकट बरकरार रखा है. साल 2021 में भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद को वरुण गांधी की जगह पीलीभीत से मैदान में उतारा गया है. 

प्रचार की पूरी कर रखी थी तैयारी

सूत्रों ने बताया है कि भाजपा नेता वरुण गांधी ने हाल ही में अपने सहयोगी से नामांकन पत्रों के चार सेट खरीदवाए थे. उनकी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार के लिए पीलीभीत के हर गांव में दो कारें और 10 बाइकें तैयार रखने के लिए कहा गया था. हालांकि भाजपा का टिकट कटने के बाद से वरुण गांधी की ओर से कोई बयान नहीं आया है. 

वरुण गांधी की ओर से नहीं आया है कोई बयान

इस महीने की शुरुआत में सूत्रों ने खुलासा किया कि अगर भाजपा ने वरुण गांधी को टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि वरुण ने अभी तक अपने अगले कदम के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की कई मौकों पर आलोचना के बाद वरुण गांधी का कथित तौर पर भाजपा से मतभेद हो गया था.

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