Bihar News: 'सरकार ट्रांसफर रोके या परिवार के साथ इच्छा मृत्यु की दे इजाजत', बिहार के शिक्षक की दर्द भरी दास्तां

Bihar News: बिहार के भागलपुर का रहने वाला एक शिक्षक धनश्याम कुमार ने सरकार से पूरे परिवार के लिए इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है. शिक्षक ने ट्रांसफर नहीं रोके जाने पर पूरे परिवार के साथ इच्छा मृत्यु की सरकार से गुहार लगाई है.

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Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले से नवगछिया प्रखंड के मध्य विद्यालय ढोलबज्जा में पढ़ाने वाले घनश्याम कुमार ने ट्रांसफर रोके जाने को लेकर बिहार सरकार से गुहार लगाई है. शिक्षक ने ट्रांसफर नहीं रोके जाने पर पूरे परिवार के साथ इच्छा मृत्यु की सरकार से इजाजत मांगी है. शिक्षक ने CM नीतीश कुमार समेत शिक्षा मंत्री, एसीएस शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा है.

शिक्षक घनश्याम का कहना है कि राज्य सरकार ने नियोजित शिक्षकों की सक्षमता की परीक्षा ली और फॉर्म भरवाने के समय तीन जिला कॉलम भरवाया गया है. जिसमें मेरा तबादला किसी और जिले में घर से दूर हो जाएगा. मेरे दो बेटे हैं जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. ऐसे में उनका देखभाल नहीं हो पाएगा. इस मौजूदा स्थिती में मुझे परिवार सहित इच्छा मृत्यु दी जाए. 

शिक्षक घनश्याम ने PMO को लिखा खत 

शिक्षक घनश्याम का कहना है कि घर के पास रहने की वजह से वे अपने दोनों बेटों का इलाज और देखभाल अच्छे से कर पाते है. दोनों पुत्र को मस्कुलर डिस्ट्रॉफी नामक बीमारी है. अगर उनका ट्रांसफर हो गया तो वे अपने बच्चों की देखभाल नहीं कर पाएंगे. दोनों बच्चों को ऐसी बीमारी है जिसमें देखभाल सही से नहीं होने पर जल्द ही मौत हो जाती है. अभी तक दोनों बच्चों के इलाज में वह काफी रकम खर्च कर चुके हैं. दोनों बेटों का दिल्ली के एम्स में इलाज कराने गए लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि दोनों बच्चों के इलाज पर दो करोड़ रुपये से अधिक का खर्च होगा. मैं राज्य सरकार से अनुरोध करता हूं कि वो उनके उनके बच्चों का इलाज कराएं. इसके लिए उन्होंने पीएमओ को भी पत्र लिखा है. 


जीवन-यापन के लिए नौकरी जरूरी

घनश्याम ने कहा कि अगर जीवन-यापन के लिए कोई दूसरा साधन रहता तो वो शिक्षक की नौकरी छोड़ देते. घर चलाने और बच्चों के इलाज के लिए नौकरी करना जरूरी है. ऐसे में अगर ट्रांसफर होता है तो ये मेरे लिए बेहतर नहीं होगा. ऐसी स्थिति में पूरे परिवार के साथ आत्महत्या का कदम उठाना बेहतर होगा.