रांची के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में शनिवार की शाम भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में दर्ज हो गई. फेडरेशन कप के फाइनल में गुरिंदरवीर सिंह का नाम पूरे भारत में गूंज उठा. उनकी दौड़ ने भारतीय स्प्रिंटिंग को नई पहचान दे दी. इसके साथ ही उन्होंने खुद को देश का सबसे तेज धावक साबित कर दिया. वहीं अनिमेष कुजूर के साथ उनकी टक्कर ने इस मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया.
फेडरेशन कप के सेमीफाइनल से ही माहौल बेहद गर्म था. पहले गुरिंदरवीर ने शानदार समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया लेकिन कुछ ही मिनटों बाद अनिमेष कुजूर ने उससे बेहतर प्रदर्शन कर रिकॉर्ड वापस हासिल कर लिया. इससे फाइनल को लेकर उत्साह और बढ़ गया. स्टेडियम में फैंस को अंदाजा था कि अगले दिन कुछ बड़ा होने वाला है. फाइनल में दोनों धावक अलग अंदाज में ट्रैक पर उतरे.
INDIA HAS FOUND ITS NEXT "FLYING SIKH"
- The Fastest Man of India, Gurindervir Singh 🔥⚡pic.twitter.com/pOb7bEfABf— The Khel India (@TheKhelIndia) May 24, 2026Also Read
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फाइनल में गुरिंदरवीर ने शुरुआत से ही जबरदस्त स्पीड पकड़ी और आखिरी तक बढ़त बनाए रखी. पंजाब के 25 साल के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने पुरुषों की 100 मीटर रेस 10.09 सेकेंड में पूरी की और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया. अनिमेष ने भी शानदार वापसी की कोशिश की लेकिन गुरिंदरवीर को पकड़ना मुश्किल साबित हुआ. उन्होंने रिकॉर्ड समय के साथ फिनिश लाइन पार की और जीत के बाद जोरदार अंदाज में जश्न मनाया. यह पहली बार है, जब किसी भारतीय ने 100 मीटर रेस 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरी की है. रेस खत्म होते ही उन्होंने अपना बिब नंबर ट्रैक पर फेंक दिया और दहाड़ लगाई. बाद में उसी बिब पर लिखा संदेश कैमरों के सामने दिखाया गया. उसमें लिखा था कि उनका काम अभी खत्म नहीं हुआ है. यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एक बड़े लक्ष्य की शुरुआत थी.
गुरिंदरवीर का सफर आसान नहीं रहा. पेट की गंभीर समस्या के कारण उन्हें लंबे समय तक ट्रैक से दूर रहना पड़ा था. उस दौरान उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों चुनौतियों का सामना करना पड़ा. बाद में सही ट्रेनिंग, बेहतर सुविधाएं और मजबूत सपोर्ट सिस्टम मिलने के बाद उनकी वापसी हुई. रिलायंस फाउंडेशन के साथ ट्रेनिंग करते हुए उन्होंने अपनी फिटनेस और तकनीक पर काफी काम किया. गुरिंदरवीर का कहना है कि उन्हें हमेशा अपनी स्पीड पर भरोसा था लेकिन अब जाकर उन्हें सही दिशा और माहौल मिला है.