Rishi Sunak and Akshata Murthy love story: वैलेंटाइन वीक स्पेशल (Valentine Special) में आज हम आपको इंग्लैंड के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और इंफोसिस फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता की प्रेम कहानी बताएंगे. साथ ही ये भी बताएंगे आखिर इंफोसिस से अक्षता हर साल कितना रुपये कमाती है. कहानी की शुरुआत करते हैं वहां से जब अक्षता ने अपने पिता नारायण मूर्ति से अपने प्रेम ऋषि के बारे में बताया तो पिता को जलन हो रही थी. वो इनसिक्योर फील हो रहे थे.
नारायण मूर्ति अपनी बेटी से नाराज हो गए थे. उन्हें लगा कि ये बेटी ने क्या कर दिया. लेकिन जब वह सुनक से मिले तो उनके सोचने का तरीका बदल गया. और फिर ऋषि और अक्षता की प्रेम कहानी आगे बढ़ गई.
ऋषि और अक्षता का जन्म
बात करें ऋषि सुनक की तो उनके दादा पंजाबी थे . उनके पिता का नाम यशवीर और माता का नाम उषा था. दोनों पूर्वी अफ्रीका में रहा करते थे. 1960 में वो इंग्लैंड शिफ्ट हो गए. इंग्लैंड में पिता यशवीर नेशनल हेल्थ सर्विस में जनरल प्रैक्टिशनर के रूप में काम करने लगे. इंग्लैंड में शिफ्ट होने के बाद यशवीर और उषा के घर 12 मई 1980 को ऋषि सुनक का जन्म होता है. ऋषि सुनक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस, फिलॉसफी और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करते हैं नौकरी करने लगते हैं.
वहीं, बात करें अक्षता की तो उनका जन्म अप्रैल 1980 में हुबली में हुआ था. बेटी को माता-पिता ने दादा-दादी के पास छोड़ दिया था. जब नारायण मूर्ति और सुधा मुंबई में सेटल हो गए तो उन्होंने अक्षता को भी मुंबई बुला लिया. अक्षता ने कैलिफोर्निया के प्राइवेट लिबरल क्लेयरमोंट मैककेना कॉलेज से इकोनॉमिक्स और फ्रेंच भाषा का कोर्स किया.
ऐसे मिले थे ऋषि और अक्षता
दोनों पढ़ाई करने के बाद नौकरी करते फिर 2006 में दोनों एमबीए करने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी पहुंच जाते हैं. यहीं दोनों की मुलाकात होती है. पहली मुलाकात में दोनों ने एक दूसरे से घंटों बात की. पहली मुलाकात में ही ऋषि को अक्षता पसंद आ गई थी. इसके बाद मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ. दोनों के बीच प्रेम बढ़ता गया. और फिर जब अक्षता ने अपने प्यार के बारे में अपने पिता नारायण को बताया तो बहुत गुस्सा हुआ. हालांकि, ऋषि से मिलने के बाद उन्हें वो पसंद आए. इसका खुलासा नारायण मूर्ति ने खुद एक इंटरव्यू में किया था.
3 साल बाद हुई शादी
3 साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद 2009 में दोनों की शादी हो जाती है. शादी के बाद मानों ऋषि तरक्की की नई सीढ़ियां चढ़ने लगे थे. 2014 में राजनीति में जीत के साथ एंट्री ली. 2017 के चुनाव में में भी जीत हासिल की. और 2019 में भी वो फिर से सांसद बनें. और अक्टूबर 2022 में ऋषि सुनक इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बने थे.
हर साल इंफोसिस के शेयर से होती है इतनी कमाई
वहीं अक्षता इंग्लैंड की जानी मानी बिजनेस वुमेन हैं. इंफोसिस से ही हर साल उनकी करोड़ों की कमाई होती है. उनके पास इंफोसिस के 3,89,57,096 शेयर है. यानी करीब 1.07 फीसदी. हर साल कंपनी अपने शेयर धारकों को डिविडेंड जारी करती है. बीते साल 2022-23 के लिए कंपनी ने प्रति शेयर 17.50 रुपये का डिविडेंड जारी किया था. अक्षता को डिविडेंड के रूप में 68.17 करोड़ रुपये मिले थे. यानी हर साल वो करोड़ों रुपये सिर्फ डिविडेंड से ही कमा लेती है. वर्तमान समय में इंफोसिस का शेयर 1670.00 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.