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'फबिंग' के चलते टूट रहे हैं रिश्तें, कहीं इसके शिकार तो नहीं आप?

Phubbing: आज हम एक ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर बात करेंगे, जो आज के दौर में नॉर्मल बनता जा रहा है.

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Vaishnavi Dwivedi
'फबिंग' के चलते टूट रहे हैं रिश्तें, कहीं इसके शिकार तो नहीं आप?

नई दिल्ली: नजरअंदाज करना शायद किसी को अपमानित करने का एक तरीका ही माना जाता है. जरूरी नहीं किसी का अपमान आपके शब्दों द्वारा ही हो. कई बार आपका बिहेवियर इसमें अहम भूमिका निभाता है. अपने दोस्त या पार्टनर के साथ चैटिंग के बजाय अपने (Phubbing) मोबाइल फोन को अहमियत देना किसी सजा से कम नहीं है. आज हम एक ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर बात करेंगे, जो आज के दौर में नॉर्मल बनता जा रहा है.  

फबिंग क्या है?

फबिंग ऐसी चीज है जिसके चलते आप अपने मोबाइल फोन को ज्यादा समय देते हैं और अपने पार्टनर को इसकी वजह से इग्नोर करते हो. स्मार्टफोन या सेल फोन की लत एक आम समस्या बन गई है, 

लोग यूट्यूब वीडियो देखते हुए या फिल्में और सीरीज देखते समय खुद को फोन से चिपके रहने से नहीं रोक पाते हैं. इससे न केवल स्कूलों और कार्यालयों के प्रदर्शन में असर पड़ रहा है, बल्कि रिश्ते भी इसके चपेट में आ रहे हैं.

फबिंग शादी को कैसे प्रभावित करता है जानें ?

1. वैवाहिक संतुष्टि में कमी

रिसर्च के अनुसार, फबिंग के कारण लगातार रिश्तों में वैवाहिक संतुष्टि का स्तर कम हो जाता है. फोन के लगातार उपयोग से रिश्तों के प्रति विरोधी भावनाएं पैदा हो जाती हैं.

2. नियमित संघर्ष

फबिंग अक्सर अत्यधिक फोन उपयोग को लेकर पार्टनर्स के बीच असहमति का कारण बनता है. ये तनाव के चलते भी हावी होता है. इसमें फोन को महत्व दिया जाता है.

3. भावनात्मक दूरी

फबिंग पार्टनर्स को एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़ने से रोकता है. इससे आपके रिश्तों में काफी दूरी आ जाती है.

4. जिम्मेदारियों से भागना

बहुत से लोगों के लिए, सोशल मीडिया, गेमिंग और फोन स्क्रॉल करना, वैवाहिक तनाव या दिन-प्रतिदिन की जिम्मेदारियों से बचने का एक तरीका बन सकता है. इसके चलते रिश्तों में और अधिक तनाव पैदा हो सकता है. 
 

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