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Period Myth: पीरियड में नहीं धोने चाहिए बाल? जानें क्या है इसके पीछे का साइंटिफिक कारण

Period Myth: अक्सर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान बाल धोकर नहाने के लिए मना किया जाता है. तो आइये जानते हैं कि इस बात में कितना लॉजिक और कितना साइंस छिपा है.

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Srishti Srivastava

Period Myth: पीरियड्स, महिलाओं के बॉयोलॉजिकल प्रोसेस का एक अभिन्न अंग है. हर महीने इस दर्द को झेलना ही इनकी नियती है. वहीं, पीरियड के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसे लेकर भी समाज में कई नियम-कानून बनाए गए हैं. किचन में न जाने से लेकर खट्टा न खाने तक, बचपन से ही लड़कियों को रंग-बिरंगी सीख दी जाती है. नानी-दादी के समय के इसका भी एक फिक्स पैटर्न चलता आ रहा है. ऐसी ही एक सीख है बाल नहीं धोने की. जी हां, नहाना किसी भी इंसान का निजी फैसला होता है लेकिन महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान यह फैसला भी समाज लेता है.

क्या है पीरियड में बाल धोने से जुड़ा मिथक?

पीरियड में बाल धोने की मनाही हर दूसरी लड़की को है. बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि मासिक धर्म के दौरान बाल धोने से लड़की इन्फर्टाइल यानी बांझ हो जाती है. ऐसा गांव ही नहीं, शहरों में भी कहा जाता है.

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क्या है इसके पीछे का लॉजिक?

दरअसल, पहले के समय में महिलाओं को नहाने के लिए नदी और तालाबों में जाना होता था. ऐसे में अगर उस नदी या तालाब में कोई धार्मिक काम हो रहे हों तो महिलाओं को यहां नहाने से मना किया जाता था. अब जाहिर सी बात है, पीरियड्स में पूजा-पाठ से दूर रहने की मनाही तो सदियों से चली आ रही है.

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क्या है बाल ने धोने का साइंटिफिक कारण?

पीरियड्स में बाल धोने से जुड़े मिथकों पर अगर ध्यान न दें तो इसके साइंटिफिक कारण पर आपका ध्यान जरूर जाएगा. असल में पहले के जमाने में नदी और तालाबों में नहाने से पीरियड के ब्लड फ्लो पर असर पड़ सकता था. ऐसा इसलिए क्योंकि, ठंडे पानी से नहाने पर पीरियड का फ्लो बिगड़ता है और ब्लोटिंग की समस्या भी होती है. अब नदी और तालाब का पानी तो गर्म किया नहीं जा सकता, ऐसे में इसमें नहीं नहाने की सलाह ही दी जाने लगी जो आगे चलकर एक नियम जैसा बन गया.

लॉजिक बताने से कतराते हैं लोग

पीरियड्स में अगर कोई महिला नदी और तालाबों में नहाए तो उसका पानी पीने के लिए कैसे इस्तेमाल हो सकता था? लेकिन आजतक किसी ने भी इस लॉजिक को एक्सप्लेन करने का कष्ट नहीं उठाया है.

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क्या पीरियड में बाल धोने से वाकई पड़ता है गर्भाशय पर असर?

आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पीरियड्स में नहाने या बाल धोने से गर्भाशय पर कोई असर नहीं पड़ता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि महिलाओं को बस ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए. हल्के गुनगुने पानी से नहाने पर पीरियड पेन में राहत की मिलती है.