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बच्चे को बनाना है Perfect तो परवरिश में पिता का रोल बेहद जरूरी, इन 4 प्वाइंट में समझें क्या-क्या हैं फायदे?

Parenting Tips: एक बच्चे की परवरिश में पिता का रोल अहम होता है. जिस बच्चे को मां-पिता का साथ मिलता है वो समय के साथ बहुत कुछ सीखता है. जानिए कैसे...

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Courtesy: Canva

Parenting Tips: किसी भी बच्चे को अगर परफेक्ट बनाना है तो उसकी परवरिश काफी मायने रखती है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि एक बच्चे के लिए जितना जरूरी मां का प्यार और दुलार है, उतना ही जरूरी पिता का साथ, उनका मोटिवेशन अहम होता है. किसी भी बच्चे की हैप्‍पी और हेल्‍दी परवरिश में पिता की जिम्मेदारी काफी मायने रखती है. एक वक्त था जब पिता का काम केवल पैसे कमाना था, जबकि घर चलाने की जिम्मेदारी मां की होती थी, लेकिन अब वक्त बदल गया है. कई लोगों में ये धारणा है कि मां ही बच्‍चे की परवरिश के लिए पूरी तरह जिम्‍मेदार है, लेकिन आपको ये जानना जरूरी है कि अगर बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है या लाइफ में चैलेंज लेने की हिम्‍मत देनी हो तो पिता का रोल अहम हो जाता है. 

कई शोधों में ये पाया गया है कि जिन बच्चों की परवरिश में मां के साथ पिता भी बराबर का हाथ देता वो बच्‍चे अधिक मजबूत और कॉन्फिडेंट होते हैं. मानसिक रूप से मजबूत बनाने का काम पिता करता है, हालांकि यहां मां के प्यार से उसकी तुलना नहीं की जानी चाहिए. हम नीचे कुछ प्वाइंट में समझते हैं कि एक बच्चे की परवरिश में पिता का रोल कितना जरूरी है.

1. कॉन्फिडेंस बूस्‍ट होता है

जब किसी बच्चे की परवरिश में पिता बराबरी से साथ देता है तो उसका आत्मविश्वास मजबूत होता है. उदहारण के लिए जब पिता बच्चों के स्कूल में होने वाले इवेंट अटेंड करने जाते हैं बेटा अच्छा फील करता है. उसके अंदर कॉन्फिडेंस आता है. इतना ही नहीं पिता के आने से बच्चों में वैल्यू ऑफ एजुकेशन और मोरल भी बढ़ता है.

2. रिस्क लेना सीखते हैं

कोई भी बच्चा जब पिता के करीब रहता है. तो वो रिस्क लेना सीख जाता है. नई चीजों को करने में हिचकता नहीं है. पिता को देखकर बच्चे के अंदर भी नए माहौल में जाने की हिम्‍मत आ जाती है. इतना ही नहीं बच्चों में एडवेंचर और नई चीजों के प्रति एक्‍सेप्‍टेंस आसानी से आ जाता है, जो जिंदगी में बहुत मायने रखता है. 

3. मुश्किल समय में खुद पर भरोसा करना सीखता है

कोई भी बच्चा जब पिता के साथ रहता है तो वो फिजिकल एक्टीविटी में हिस्सा लेता है. पिता के साथ घर से बाहर घूमता है. इससे उसकी बॉन्डिंग अच्छी होती है. वो मुश्किल समय में खुद पर भरोसा करना सीख जाता है. इतने अलावा दूसरों की मदद कैसी की जाती है, इसकी समझ भी डेवलप हो जाती है.

4. प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल बढ़ती है

वो बच्चे जिन्हें पिता का सपोर्ट मिलता है, वे जल्दी से प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल सीख लेते हैं. इसकी शुरुआत घर में किसी भी चीज की मरम्मत से शुरू होती है. बच्चे देखते रहते हैं कि पिता किसी भी काम कितने आसानी से करते हैं. इससे उनके अंदर संयम भी आता है.