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हड्डियों और मांसपेशियों पर क्या पड़ता है हीट स्ट्रोक का असर, क्यों डिहाइड्रेट हो जाता है शरीर? एक्सपर्ट से जानिए

Impact Of Heat Stroke On Body: गर्मी के मौसम में थकान, उल्टी, दस्त, चक्कर आना, घबराहट, बेहोशी और सिरदर्द जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. लेकिन धूप और लू के वजह से मांसपेशियों और हड्डियों में भी समस्या बढ़ती जा रही है.

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Bones-Muscles
Courtesy: Freepik

Impact On Bones And Muscles: दिल्ली-NCR में पारा आसमान छू रहा है. तापमान 45 डिग्री के पार जा रहा है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं. गर्मी के कारण थकान, मांसपेशियों में दर्द और डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ती जा रही है. अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों में से 20 से 30 फीसदी मरीज गर्मी से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे होते हैं. आयशा अस्पताल के डॉक्टर शाहिद अख्तर का कहना है कि धूप और लू के कारण मांसपेशियों का लचीलापन कम हो रहा है. 

वहीं, डॉक्टर शाहिद अख्तर का कहना है कि इससे गंभीर ऐंठन और कभी-कभी दर्द होता है. इसे मांसपेशियों में ऐंठन भी कहा जाता है. कम पानी पीने और शरीर में पानी की कमी के कारण भी हड्डियां सूख रही हैं. इसके कारण लोगों को घुटनों, कंधों, कोहनियों और गर्दन के नीचे हिस्सों में दर्द हो सकता है. अपने डाइट में फल और सब्जियों जैसी हेल्दी चीजों का ज्यादा सेवन करें. 

गर्मी से बचने के लिए पानी पिएं

डॉक्टरों के अनुसार, इन दिनों अस्पताल में गर्मी से होने वाली थकावट के काफी मरीज आ रहे हैं. उन्हें थकान, उल्टी, दस्त, चक्कर आना, घबराहट, बेहोशी, सिरदर्द और पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या से बचने के लिए आपको दिन भर में कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए.

अपनाएं ये टिप्स

अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए डेली लाइफस्टाइल को मेंटेन करना बेहद जरूरी है. आप ठीक से हाइड्रेटेड हैं कि नहीं इसका  पता करने के लिए आप कुछ बातों का ध्यान रख सकते  हैं. सबसे पहले आपको दिन भर में सही मात्रा में पानी पीना चाहिए. हर दिन कम से कम 8 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा अपनी डाइट में हाइड्रेटिंग चीजों को शामिल करें. जैसे की फल और सब्जियां जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है. कैफीन और अल्कोहल का सेवन करने से बचें. शरीर में होने वाले बदलाव जैसे की प्यास और हरे रंग की यूरीन जैसे लक्षण पर ध्यान दें.

डिस्क्लेमर: यह खबर इंटरनेट पर उपलब्ध सामान्य जानकारियों पर आधारित है. विस्तृत जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह जरूर लें.