menu-icon
India Daily
share--v1

रिलेशनशिप में कितनी जरूरी है इंटीमेसी! जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Sexual intimacy in relationship: किसी भी रिश्ते की नींव मजबूत कनेक्शन, भरोसा, क्लियर कम्युनिकेशन और वफादारी पर टिकी होती है. मजबूत रिश्ते के लिए फिजिकल, सेक्सुअल और इमोशनल रूप से नजदीक आना जरूरी है. यौन रोग के कारण रिश्ते में निराशा और नाराजगी पैदा हो सकती है, जिससे अलगाव की स्थिति पैदा हो सकती है.

auth-image
India Daily Live
Sexual Intimacy
Courtesy: IDL

Sexual intimacy in relationship: किसी भी रिश्ते की नींव मजबूत कनेक्शन, भरोसा, खुलकर बातचीत, गहराई और वफादारी पर टिकी होती है. हर रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए फिजिकल, सेक्सुअल और इमोशनल रूप से कनेक्शन की जरूरत होती है. हाल ही में एक मीडिया हाउस को दिए एक इंटरव्यू में साइकेटरिस्ट डॉ. राशि अग्रवाल ने रिश्तों के शुरुआती दौर यानी हनीमून फेज के बारे में बात की. 

उन्होंने बताया कि इस दौरान लोग साथ में एक शानदार समय बिताने का ख्वाब देखते हैं. एक-दूसरे को जानने में ज्यादा समय और एनर्जी लगाते हैं. इस अवस्था में इमोशनल कनेक्शन की बजाय फिजिकल इंटीमेसी ज्यादा डवलप होती है.

लेकिन, एक स्वस्थ रिश्ते में समय के साथ फिजिकल इंटीमेसी से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होता है इमोशनल कनेक्शन का मजबूत होना. अगर रिश्ते में फिजिकल इंटीमेसी में कमी आ जाए या सेक्सुअल समस्याएं उत्पन्न हो जाएं, तो यह पूरे रिश्ते की गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है.

आइए देखें कि किस प्रकार फिजिकल और इमोशनल इंटीमेसी किसी रिश्ते को मजबूत बनाती है:

कैसे बनती है बॉन्डिंग?

फिजिकल इंटीमेसी सिर्फ सुखद अनुभूति ही नहीं देती बल्कि एक मजबूत बंधन का भी निर्माण करती है. रिश्ते में लोग एक-दूसरे को गहराई से जानने और अपने बीच विश्वास कायम करने के लिए दीर्घकालिक इंटीमेसी की राह पर चलते हैं. यह फिजिकल टच, प्यार और अट्रैक्शन का ऐसा संयोजन होता है जो किसी रिश्ते को मजबूती प्रदान करता है.

कम करता है स्ट्रेस

उम्र और समय के साथ किसी भी रिश्ते में फिजिकल इंटीमेसी एक महत्वपूर्ण जरूरत बन जाती है. यह न सिर्फ तनाव कम करती है बल्कि पार्टनर के बीच निकटता का भाव भी बढ़ाती है. लेकिन, जब इसकी कमी हो जाती है, तो रिश्ते में तनाव के लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जैसे कि निराशा, गुस्सा और चिड़चिड़ापन. इससे साथी की वफादारी को लेकर भी शक पैदा हो सकता है. यह तनाव पूरे रिश्ते को प्रभावित कर सकता है और दूरियां बढ़ा सकता है.

इमोशनल कनेक्शन

हेल्थी रिश्तों में फिजिकल इंटीमेसी सिर्फ फिजिकल क्रिया नहीं होती बल्कि यह इमोशनल कनेक्शन को भी गहरा करती है. इसमें पार्टनर एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और उनकी इच्छाओं का सम्मान करने की कोशिश करते हैं. इंटीमेसी के इसी भाव से रिश्ते में प्यार, प्यार और विश्वास का माहौल बनता है.

सेक्सुअल बीमारियों का इफेक्ट 

डॉ. राशि अग्रवाल ने बताया कि जिन रिश्तों में यौन रोग होते हैं, वहां कपल्स में निराशा और गुस्सा पैदा होने लगता है. इससे उनका इमोशनल कनेक्शन कमजोर पड़ जाता है और रिश्ते में दूरियां आ जाती हैं. हालांकि, यह भी देखा गया है कि युवा जोड़े यौन रोगों को दूर करने के लिए खुलकर बातचीत करते हैं और समस्याओं का समाधान ढूंढने का प्रयास करते हैं.

इसलिए, यह साफ है कि किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए फिजिकल और इमोशनल दोनों तरह की इंटीमेसी जरूरी है. रिश्ते में खुलेपन और ईमानदारी से बातचीत कर यौन रोगों जैसी समस्याओं का सामना किया जा सकता है. यह पार्टनर्स के बीच आपसी समझ को बढ़ाता है और उनके रिश्ते को मजबूती प्रदान करता है.