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फंडिंग नहीं मिली तो Tech कंपनी ने फायर कर दिए 80 प्रतिशत एम्प्लॉयी, जानें कहां हुई बंपर छंटनी

Reshamandi Layoffs: टेक्नोलॉजी स्टार्टअप ने फंडिंग हासिल करने में नाकाम रहने के बाद अपने 80% से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. रेशम धागे में विशेषज्ञता रखने वाली बेंगलुरु स्थित बी2बी मार्केटप्लेस रेशामंडी ने सीरीज बी फंडिंग हासिल करने में विफलता के कारण अपने 80% कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है. कंपनी में पहले कर्मचारियों की संख्या 500 थी, जिसे घटाकर लगभग 100 कर दी गई है.

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Courtesy: Social Media

Reshamandi Layoffs: रेशम प्रोडक्ट्स में स्पेशलिस्ट बी2बी मार्केटप्लेस रेशामंडी ने फंडिंग हासिल करने में विफल रहने के बाद अपने 80 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. कंपनी में पहले कर्मचारियों की संख्या 500 थी, जिसे घटाकर लगभग 100 कर दी गई है. 300 कर्मचारी लंबित बकाये का इंतजार कर रहे हैं. 2020 में स्थापित, रेशामंडी ने क्रिएशन इन्वेस्टमेंट्स और ओमनीवोर समेत बैकर्स के साथ इक्विटी और डेट में लगभग $70 मिलियन जुटाए हैं.

ओमनीवोर के नेतृत्व में और 9 यूनिकॉर्न, वेंचर कैटालिस्ट्स, नेक्सस के संदीप सिंघल और इंडियामार्ट के संस्थापक बृजेश अग्रवाल जैसे इन्वेस्टर्स समेत 225 करोड़ रुपये के अपने पिछले फंडिंग राउंड के बावजूद, कंपनी का इवोल्यूशन गिर गया है. जनवरी में, रेशामंडी ने $25 मिलियन के मूल्यांकन पर $5 मिलियन जुटाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा था. स्थिति से परिचित सूत्रों के अनुसार, कंपनी अब ऋणदाताओं और विक्रेताओं की ओर से कई अदालती मामलों का सामना कर रही है, कुछ लेनदार दिवालियापन के लिए आवेदन करने पर विचार कर रहे हैं.

तीन लड़कों ने 2020 में बनाई थी एग्रोटेक स्टार्टअप

रेशामंडी एक एग्रीटेक स्टार्टअप है जिसकी स्थापना 2020 में मयंक तिवारी (निफ्ट के गोल्ड मेडलिस्ट), सौरभ अग्रवाल (पूर्व सिस्को सिस्टम्स टेक्नोलॉजिस्ट और उद्यमी) और गौतम आहूजा ने की थी. कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारत के रेशम उद्योग का आधुनिकीकरण करके उसे बदलना है. कंपनी एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करती है जो किसानों, रीलर, बुनकरों और खरीदारों को जोड़ता है. 

Inc42 की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के कर्मचारियों के हवाले से, ReshaMandi का पतन अक्टूबर 2021 में फंड जुटाने से ठीक पहले और बाद में, वर्टिकल में तेजी से विस्तार के कारण हुआ. जून 2023 से कर्मचारियों की छंटनी शुरू हो गई थी. कर्मचारियों को तीन महीने तक बिना वेतन के काम करने को कहा गया था और वादा किया गया था कि उन्हें उनकी सैलरी दी जाएगी, लेकिन करीब 300 कर्मचारी अभी भी वेतन का इंतजार कर रहे हैं. रेशामंडी का फुल-स्टैक डिजिटल इकोसिस्टम खेत से लेकर एग्रीटेक स्पेस में फैशन तक प्राकृतिक फाइबर को कवर करता है.

एक वक्त में रेशामंडी भारत में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बी2बी स्टार्टअप था, जिसने शुरुआती साल में ही 30 गुना कारोबार बढ़ा लिया था. शुरुआती 15 महीनों में कंपनी ने किसानों, SME निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं में फैले 35,000 से अधिक छोटे व्यवसायों को अपनी आपूर्ति श्रृंखला में शामिल किया था और 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के बाजार को प्रभावित किया था.