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ग्रेस मार्क्स देकर NEET की कट ऑफ बढ़ाने को लेकर NTA ने दे दिया जवाब, जानें क्यों बढ़ाए गए 1563 स्टूडेंट्स के नंबर

NEET UG Exam: नीट परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद रिजल्ट और मेरिट को लेकर सवाल उठ रहे हैं. एनटीए पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. आरोपों को लेकर NTA ने सफाई दी है. उसने बताया कि आखिर क्यों अभ्यार्थियों को ग्रेस मार्क्स दिए गए.

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NEET UG Exam
Courtesy: Social Media

NEET UG Exam: नीट परीक्षा की हाई कट ऑफ और 67 छात्रों के 720 में से 720 अंक आना सवालों के घेरे में है. ग्रेस मार्क्स देकर कई छात्रों के नंबर बढ़ाए जाने को लेकर एनटीए ने सफाई दी है. शुक्रवार को एनटीए की ओर से कहा गया कि कट ऑफ इस बात पर निर्भर करती है कि नीट परीक्षा में छात्रों का परफॉर्मेंस कैसी रही.

कई नीट अभ्यार्थियों ने ये आरोप लगाए थे कि परीक्षा का पेपर लीक हुआ या फिर कुछ अन्य गड़बड़ियां हुई हैं जिसकी वजह से कट ऑफ इतनी ज्यादा गई है. इन सबके बीच एनटीए ने सफाई दी.

7 टॉपर में से 6 एक ही सेंटर के

सोशल मीडिया अभ्यर्थी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे अचानक इस बार नंबर बढ़ गए. और 7 बच्चे टॉप कर गए. इनमें से 6 बच्चे एक ही सेंटर के टॉपर हैं. ये सेंटर हरियाणा में था.

नीट यूजीसी 2024 की परीक्षा 5 मई को 571 शहरों के कुल 4,750 सेंटर पर हुई थी. इनमें से 14 सेंटर विदेश में भी थे. परीक्षा में 24 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे.

हाई कोर्ट में दाय की गई थी याचिका

छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने पर एनटीए ने जवाब दिया है. एनटीए ने कहा कि पंजाब और हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालयों में कुछ याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें कुछ परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के संचालन के दौरान परीक्षा के समय की टाइम के लॉस होने की बात कही गई थी. इसलिए 1563 अभ्यर्थियों को कंपनसेशन के तौर पर ग्रेस मार्क्स दिए गए. इनमें से ये छात्र 20 नंबर से लेकर 720 नंबर के बीच थे. इनमें से दो छात्र ऐसे हैं जिनके 718 और 719 नंबर आए हैं उन्हे भी ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं.

एनटीए ऑफिसियल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि क्वेश्चन पेपर नई एनसीआरटी टेस्ट बुक के हिसाब से बनाए गए थे लेकिन कुछ स्टूडेंट्स के पास पुरानी टेस्टबुक थीं.