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डिप्रेशन से मुकाबला कर पहले अटेम्प्ट में क्रैक किया UPSC, इंस्पायर कर देगी IAS अलंकृता पांडे की सक्सेस स्टोरी

IAS Success Story: आईएएस अलंकृता ने UPSC 2015 की एग्जाम में सफलता हासिल की और अपने पहले अटेम्प्ट में AIR 85 हासिल की. 2016 बैच की IAS ऑफिसर को शुरुआत में पश्चिम बंगाल कैडर अलॉट किया गया था.

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IAS Alankrita Pandey
Courtesy: Pinterest

IAS Alankrita Pandey:  लेकिन उनमें कुछ लोग ही अपना सपना पूरा कर पाते हैं. इस परीक्षा को पास करने के लिए कैंडिडेट को आरामदायक जीवन का त्याग करते हुए घंटे स्टडी करना पड़ता है. वहीं अलंकृता पांडे UPSC एग्जाम की तैयारी करते वक्त डिप्रेशन का सामना कर रही थी और साथ में व्यक्तिगत संकट से निपटने के लिए क्रोध प्रबंधन सत्र में भाग ले रहा हो. 

आईएएस अलंकृता ने UPSC 2015 की एग्जाम में सफलता हासिल की और अपने पहले अटेम्प्ट में AIR 85 हासिल की. 2016 बैच की IAS ऑफिसर को शुरुआत में पश्चिम बंगाल कैडर अलॉट किया गया था लेकिन IAS अंशुल अग्रवाल के साथ उनकी शादी के बाद, उन्हें बिहार राज्य में अंतर-कैडर ट्रांसफर कर दिया गया था.

उत्तर प्रदेश में हुआ जन्म

अलंकृता पांडे उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के एक मिडिल क्लास परिवार से आती हैं. उन्होंने MNIIT-इलाहाबाद से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद, उन्होंने बैंगलोर में एक IT कंपनी के लिए काम करना शुरू कर दिया. 

अलंकृता कर रही थी डिप्रेशन का सामना

2015 की UPSC एग्जाम से दो साल पहले, वह एक पर्सनल दिक्कतों के वजह से  उनकी निजी जीवन को लगभग खतरे में डाल दिया. इससे उबरने के लिए अलंकृता को दवाओं पर निर्भर रहना पड़ा और साथ ही, वह गुस्से की समस्या से भी जूझ रही थी जिसकी वजह से anger management session से गुजर रहीं थी. उन्होंने जनवरी 2014 में प्रीलिम्स का सामना करने का फैसला किया लेकिन व्यक्तिगत संकट के कारण वह इसे भी नहीं दे सकीं. बिगड़ी स्थिति अक्टूबर 2014 तक जारी रही, जिसके बाद अलंकृता ने  2015 UPSC परीक्षा का सामना करने का फैसला किया. 

कैसे करती थी पढ़ाई?

अलंकृता पांडे ने खूब मेहनत की और  हर दिन 8 घंटे  पढ़ाई करती थी. जब कभी भी UPSC एग्जाम की तैयारी के दौरान लो फील करती थी तो एक कागज का टुकड़ा लेती थी और उस कारण को लिखती थी कि उन्होंने यह काम क्यों शुरू किया. यह ट्रिक अलंकृता पांडे के लिए खूब मददगार साबित हुई. मई 2015 तक, अलंकृता पांडे ने UPSC CSE के लिए पूरा सिलेबस को पूरा कर लिया था. वह हमेशा एक किताब को 4-5 बार ध्यान से पढ़ती थी. अलंकृता पांडे ने पढ़ाई के लिए अकबार और इंटरनेट का सहारा लिया.