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Israel Hamas War: बीच जंग में इजरायल और हमास, जानिए आखिर क्या है विवाद की जड़ ?

Israel Hamas War: पांच दिनों से इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास जंग के मैदान में हैं. इनके मध्य संघर्ष की कड़ियां सात दशक से भी ज्यादा पुरानी हैं.

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Shubhank Agnihotri
Israel Hamas War: बीच जंग में इजरायल और हमास, जानिए आखिर क्या है विवाद की जड़ ?

Israel Hamas War: शनिवार को इजरायल पर हमास के हमले ने मध्य-पूर्व के क्षेत्र को फिर से अस्थिरता की ओर ला खड़ा किया है. इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष लगभग सात दशक पुराना है. इजरायल-फिलिस्तीन के बीच विवाद की जड़ इजरायल के संस्थापक डेविड बेन-गुरियन हैं.  इन्होंने यहूदियों के लिए एक सुरक्षित आश्रयस्थल के रूप में 1948 में इजरायली राष्ट्र की घोषणा की  थी. फिलिस्तीनियों को यह बात नागवार गुजरी.उन्होंने इजरायल के निर्माण को तबाही या नकबा कहा. इसके परिणामस्वरूप उन्हें बेदखल कर दिया गया. इसके बाद हुए एक युद्ध में करीब सात लाख फिलिस्तीनियों को उनके घरों से निकाल दिया गया या उन्हें भगा दिया गया.


इजरायल का हमेशा रहा विरोध 


रिपोर्ट के अनुसार, यह सभी लोग जॉर्डन,लेबनान, सीरिया के साथ-साथ गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशेलम में जा पहुंचे.  इजरायल हमेशा से ही इस बात का विरोध करता रहा है कि उसने फिलिस्तीनियों को उनके घर से निकाला है. इजरायल इसके पीछे तर्क देता है कि उसके राष्ट्र के तौर पर घोषणा के बाद पांच अरब देशों ने उसके ऊपर हमला कर दिया. 1949 में सीजफायर ने इनके बीच के तात्कालिक घमासान को रोक दिया. वे फिलिस्तीनी जो युद्ध में रुके रहे वह आज अरब इजरायली समुदाय के रूप में पूरी इजरायली आबादी का करीब 20 फीसदी हैं.


संघर्ष की लंबी कहानी

साल 1967 में छह दिन के युद्ध की शुरुआत करते हुए सीरिया और मिस्र पर हमला किया. इजरायल ने उस दौरान वेस्ट बैंक, पूर्वी यरूशेलम को जॉर्डन से कब्जे में लिया था. इसी दौरान उसने सीरिया के गोलन हाइट्स पर भी कब्जा जमा लिया. 
साल 1973 में मिस्र और सीरिया की ओर से योम किप्पुर वॉर की शुरूआत करते हुए स्वेज नहर और गोलन हाइट्स के ठिकानों पर हमला किया. इजरायल ने तीन सप्ताह के अंदर ही तीनों सेनाओं को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया.


दोनों ओर से किए गए हमले

साल 2006 में लेबनान में युद्ध छिड़ा. हिजबुल्ला आतंकियों ने दो इजरायली सैनिकों को पकड़ लिया और इसी दरमियान इजरायल ने भी अपनी ओर से जवाबी कार्रवाई की. बात है 2005 की जब इजरायल ने गाजा से अपना कब्जा छोड़ दिया. इस पर उसका 1967 से कब्जा था. मगर गाजा के इलाकों पर 2006, 2008, 2012, 2014, 2021 के वर्षों में कई बार दोनों ओर से हवाई हमले किए गए.

 

शांति के प्रयासों को दिया अंजाम

इजरायल ने 1979 में फिलिस्तीन के साथ अपनी तीन दशक पुरानी दोस्ती को खत्म करते हुए एक पीस एग्रीमेंट पर साइन किया. 1993 में इजरायल के पीएम यित्जाक रॉबिन और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के मुखिया यासिर अराफात के मध्य फिलिस्तीनी स्वायत्ता के लिए ओस्लो शांति समझौते पर हाथ मिलाए. 2000 में कैंप डेविड में अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और इजरायली पीएम एहुद बराक और यासिर अराफात एक अंतिम शांति समझौते कराने में असफल रहे.


वार्ता असफल, दो राज्य समाधान अस्वीकार

साल 2002 में अरब योजना ने इजरायल को 1967 में ली गई भूमि से पूर्ण वापसी और फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण और न्यायसंगत समाधान के बदले में सभी अरब देशों के साथ संबंध सामान्य बनाने की कोशिश की. यह वार्ता 2014 में वाशिंगटन में रुक गई. हमास ने इजरायल के दो राज्य समाधान की पेशकश को ठुकरा दिया और इजरायल को खत्म करने की शपथ ली है. वहीं इजरायल इस बात पर जोर दे रहा है कि फिलिस्तीन को विसैन्यीकृत किया जाना चाहिए ताकि इजरायल को किसी तरह का खतरा न रहे.


ऐतिहासिक संबंधो का देता है हवाला

दुनिया के कई देश 1967 में इजरायल द्वारा कब्जाई भूमि पर बनाई गई यहूदियों की बस्ती को अवैध मानते हैं. वहीं इजरायल इस भूमि से ऐतिहासिक और बाइबिल के साथ संबंधों का हवाला देता है. इजरायल-फिलिस्तीन विवाद दुनिया के सबसे जटिल और विवादास्पद मुद्दों में से एक है.

क्या है येरूशेलम की स्थिति

फिलिस्तीन पूर्वी येरूशेलम को अपने देश की राजधानी बनाना चाहता है. वहीं इजरायल चाहता है कि येरूशेलम उसकी राजधानी बनी रहनी चाहिए. येरूशेलम के पूर्वी हिस्सों को अभी तक वैश्विक स्वीकार्यता नहीं मिल पाई है. अमेरिका येरूशेलम को इजरायली राजधानी के रूप में मान्यता दे चुका है. 2018 में ट्रंप ने अमेरिका का दूतावास यहां स्थानांतरित कर दिया था.

शरणार्थियों की क्या है स्थिति

एक रिपोर्ट के मुताबिक, आज लगभग 56 लाख शरणार्थी मुख्य तौर पर 1948 में यहां से विस्थापित हुए लोगों के वंशज हैं. ये सभी लोग इजरायल से जुड़े सीमावर्ती इलाकों में रह रहे हैं. ये लोग लेबनान, सीरिया, इजरायल के कब्जे वाला वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी और जॉर्डन में रहते हैं.

 

 

 

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