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रूस का एक और एक्शन, विदेशी आयात-निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को 2025 तक बढ़ाया

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कच्चे माल और वस्तुओं के आयात-निर्यात पर बड़ा फैसला किया है. पुतिन के इस फैसले से रूस में आयात- निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को बढ़ा दिया है. उनके इस फैसले से रूस में सभी आयात- निर्यात से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को 31 दिसंबर 2025 तक के लिए बैन कर दिया गया है. इसके लिए पुतिन ने एक डिक्री पर हस्ताक्षर कर इन प्रतिबंधो को लागू किया है.

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Mohit Tiwari
रूस का एक और एक्शन, विदेशी आयात-निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को 2025 तक बढ़ाया


नई दिल्लीः रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कच्चे माल और वस्तुओं के आयात-निर्यात पर बड़ा फैसला किया है. पुतिन के इस फैसले से रूस में आयात- निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को बढ़ा दिया है. उनके इस फैसले से रूस में सभी आयात- निर्यात से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को 31 दिसंबर 2025 तक के लिए बैन कर दिया गया है. इसके लिए पुतिन ने एक डिक्री पर हस्ताक्षर कर इन प्रतिबंधो को लागू किया है. आपको बता दें कि इस डिक्री में कुछ नियम ऐसे हैं जिन्हें पुतिन जब चाहें तब हटा सकते हैं.


मार्च 2022 में लागू हुए थे प्रतिबंध 
समाचार एजेंसी सिन्हुआ से मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक रूस में वस्तुओं और सेवाओं के आयात-निर्यात से जुड़े मसलों पर मार्च 2022 में एक डिक्री पर पुतिन ने साइन किए थे. यह 31 दिसंबर तक वैध थी. नवीनतम संशोधनों के किए जाने के बाद रूस में आयात- निर्यात से जुड़ी सभी गतिविधियां 31 दिसंबर 2025 तक वैध रहेंगी.

अर्थव्यवस्था को बाहरी प्रभाव से बचाना था लक्ष्य

रूस द्वारा लगाए गए इन प्रतिबंधों के पीछे की वजह रूस की अर्थव्यवस्था को किसी भी तरह के नुकसान से बचाना था. यूरोपीयन यूनियन ने 5 दिसंबर को रूस के कच्चे तेल को बैनकर दिया था. उसेक बाद जी-7 देशों के समूह ने रूस के कच्चे तेल पर 60 डॉलर प्रति बैरल की कैप लगा दी. इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए पुतिन ने बाहरी देशों की गतिविधियों का रूस की इकॉनमी पर कोई प्रभाव न पड़े इसलिए प्रतिबंध लगाया गया था.

घरेलू बाजार को सुरक्षित रखने का फैसला 
रूस की सरकार ने डिक्री की लिस्ट में जिन्हें डाला गया था वे तकनीक, संचार, चिकित्सा , इलेक्ट्रॉनिक्स, परमाणु रिएक्टर, धातु प्रसंस्करण मशीनें शामिल हैं. इसके अलावा रूस के जिन देशों के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं उनको निर्यात की जाने वाली वस्तुओं को प्रतिबंध की सूची में डाला गया था. रूस की सरकार ने कहा है यह फैसला घरेलू बाजार को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है.

 

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