menu-icon
India Daily
share--v1

कैंसर के मरीजों में हाहाकार, ऑपरेशन्स सस्पेंड; लंदन के अस्पताल पर रूस के साइबर हमले के बाद मची 'तबाही'

Russian Cyber Attack: लंदन के NHS अस्पतालों पर रूसी साइबर अटैक हुआ है. साइबर हमलों के बाद हजारों नियुक्तियां, ट्रांसप्लांट ऑपरेशन, कैंसर रेफरल और सी-सेक्शन प्रोसेस कैंसल कर दी गईं हैं.

auth-image
India Daily Live
Russian cyber attack
Courtesy: Social Media

Russian Cyber Attack: यूक्रेन पर मिसाइल, ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले और जमीनी कार्रवाई कर रहे रूस ने अब ब्रिटेन को निशाना बनाया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने लंदन के NHS अस्पतालों पर साइबर अटैक किया है. रूसी साइबर हमले के बाद हजारों अपॉइंटमेंट रद्द होने से सैकड़ों कैंसर रोगी प्रभावित हुए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन एनएचएस अस्पतालों पर रूसी साइबर हमले के बाद इसे गंभीर घटना बताया गया. कहा गया कि साइबर हमले से गाइज एंड सेंट थॉमस और किंग्स कॉलेज हॉस्पिटल ट्रस्ट प्रभावित हुए हैं. द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, अब ये बात सामने आई है कि इन अस्पतालों में 200 से अधिक इमरजेंसी और लाइफ सेविंग ऑपरेशन रद्द करने पड़े हैं.

इसके अलावा, एक तिहाई से अधिक प्रोसेस और ऑपरेशन रोक दिए गए, जिनमें 3,000 से अधिक गैर-सर्जिकल अपॉइंटमेंट भी शामिल थे. जिन लोगों को तत्काल कैंसर डायग्नोसिस के लिए रेफर किया गया था, डिलीवरी के लिए इंतजार कर रही महिलाएं, ट्रांसप्लांट और ब्लड ट्रांसफ्यूजन की प्रतीक्षा कर रहे मरीज भी इससे प्रभावित हुए हैं.

आखिर रूसी टारगेट क्या था?

दावा किया जा रहा है कि रूसी साइबर हमले के टारगेट आईटी सिस्टम 'सिनोविस' था, जो एनएचएस पैथोलॉजी लैबोरेट्री को सर्विस प्रोवाइड करता है. ये सिस्टम SYNLAB यूके और आयरलैंड की ओर से चलाया जाता है और हर साल 3.20 करोड़ से अधिक पैथोलॉजी टेस्टिंग करती है. 

सिनोविस का कहना है कि वो हर साल दक्षिण-पूर्व लंदन में 1.7 लाख लोगों को सर्विस प्रोवाइड करता है. कहा जा रहा है कि जीएसटीटी और किंग्स कॉलेज के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और सामुदायिक देखभाल करने वाला साउथ लंदन और माउडस्ले एनएचएस ट्रस्ट भी साइबर हमले से प्रभावित हुआ है.

लंदन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल पर भी पड़ा था असर

इस सप्ताह के शुरुआत में ये खबर आई थी कि रॉयल ब्रॉम्पटन और हेयरफील्ड को संभावित रूप से लाइफ सेविंग ट्रांसप्लाट ऑपरेशन रद्द करना पड़ा, जिसका असर एवेलिना लंदन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल पर भी पड़ा. लंदन के छह शहरों में स्थित GP सर्जिकल सेंटर्स ने बेक्सले, ग्रीनविच, लुईशम, ब्रोमली, साउथवार्क और लैम्बेथ में भी परेशानियां सामने आईं.

ये स्पष्ट नहीं है कि हैकर्स ने मरीजों के डेटा में घुसपैठ की है या नहीं. माना जा रहा है कि हैकर्स रूसी साइबर क्राइम ग्रुप 'किलिन' से संबंध रखते हैं. एनएचएस लंदन के प्रवक्ता ने कहा कि एनएचएस कर्मचारी रैनसमवेयर साइबर हमले के बाद मरीजों की देखभाल में आ रही परेशानियों को कम करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. हम उन सभी लोगों से माफी मांगते हैं, जो इससे प्रभावित हुए हैं. मरीजों को सलाह दी गई है कि वे तब तक अपने अपॉइंटमेंट पर आते रहें, जब तक कि प्रभावित अस्पतालों द्वारा उनसे सीधे संपर्क न किया जाए. सूत्रों ने द इंडिपेंडेंट को बताया कि एनएचएस सेवाओं पर प्रभाव महीनों तक रह सकता है, हालांकि सबसे जरूरी और प्राथमिकता वाली सेवाएं कुछ सप्ताह में बहाल हो सकती हैं.