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Pakistan Election Result 2024: निर्दलीय को 'निपटाने' में जुटे नवाज और बिलावल, इमरान ने तैयार किया 'खास' प्लान

Pakistan Election Result 2024: पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुई वोटिंग के बाद नतीजों का इंतजार है. फिलहाल, सभी सीटों पर नतीजे नहीं आए हैं. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल, पीटीआई समर्थित उम्मीदवारों ने करीब 100 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि पीएमएल-एन ने 71, पीपीपी ने 53 और एमक्यूएम-पी ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की है.

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Om Pratap
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Pakistan Election Result 2024: पाकिस्तान में अगला वजीर-ए-आजम कौन होगा, इसकी तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है. पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टियों से लेकर वहां की आवाम की नजर चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं. इस बीच खबर है कि अब तक चुनावी नतीजों में सबसे ज्यादा सीटों पर कब्जा करने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों पर पीपीपी और पीएमएल-एन ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवाज और बिलावल की पार्टी निर्दलीय प्रत्याशियों को अपनी पार्टी में शामिल करने लगी है. उधर, इमरान खान के समर्थकों ने नवाज और बिलावल के इस कदम का विरोध किया है. इमरान समर्थकों ने आज पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.

8 फरवरी को मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के बावजूद पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोगों ने 855 निर्वाचन क्षेत्रों में राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए मतदान के अधिकार का प्रयोग किया.  दुनिया के पांचवें सबसे बड़े लोकतंत्र पाकिस्तान में वोटिंग खत्म होने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि कुछ घंटों बाद चुनाव के नतीजे आ जाएंगे, लेकिन दो दिनों के बाद भी नतीजे पूरी तरह से नहीं आए हैं. 

सरकार बनाने के लिए नवाज और बिलावल भूलेंगे दुश्मनी? 

जैसे-जैसे नतीजे सामने आ रहे हैं, निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है. वहीं, नतीजों के आने के साथ-साथ पहले तो इमरान खान और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने केंद्र में बहुमत सरकार बनाने की स्थिति में होने का दावा किया, लेकिन अंतिम परिणामों के नहीं आने के बाद स्थिति बदलती दिख रही है. कहा जा रहा है कि नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की पार्टी सरकार बनाने के लिए गठबंधन कर सकती है.  

पाकिस्तान की जियो न्यूज के मुताबिक, पीएमएल-एन अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की है. मुलाकात के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) केंद्र और पंजाब में गठबंधन सरकार बनाने पर सहमत हो गए हैं. 

शहबाज ने पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी के आवास पर पीपीपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की. पार्टी सूत्रों ने कहा कि शहबाज ने जरदारी के साथ भविष्य में सरकार के गठन पर चर्चा की और पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ का संदेश भी दिया. शहबाज ने दोनों पीपीपी नेताओं से पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता के लिए पीएमएल-एन नेतृत्व के साथ बैठने को कहा.

केंद्र और पंजाब प्रांत में सरकार बनाने पर बनी सहमति

सूत्रों ने दावा किया कि जरदारी और शहबाज पंजाब और केंद्र में सरकार बनाने पर सहमत हुए हैं. दोनों पार्टियां अगली बैठक में अपने-अपने विचार पेश करेंगी और सत्ता-बंटवारे के फार्मूले के संबंध में सभी मामलों को अंतिम रूप देंगी कि कौन कौन सा पद संभालेगा. इससे पहले, पीएमएल-एन क्यू और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुक्रवार को देश को बचाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को गठबंधन सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. 

नवाज ने किया दावा- पीएमएल-एन चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी

शनिवार को मॉडल टाउन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने दावा किया कि चुनाव में पीएमएल-एन सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं, देश को भंवर से बाहर निकालना हमारा कर्तव्य है. हम पाकिस्तान को मुश्किलों से बाहर निकालने के लिए सभी को हमारे साथ आने के लिए आमंत्रित करते हैं. आइए एक साथ बैठें, क्योंकि हर कोई जानता है कि किसने देश के लिए क्या किया है. उन्होंने कहा कि हम सभी अन्य पार्टियों के जनादेश का सम्मान करते हैं, चाहे वह कोई पार्टी हो या स्वतंत्र लोग. हमारा एजेंडा समृद्ध पाकिस्तान है. नवाज ने कहा कि पीएमएल-एन को जनादेश मिला है और वह जानती है कि देश को आर्थिक कठिनाइयों से कैसे बाहर निकालना है और अर्थव्यवस्था को ठीक करना है.

नवाज बोले- सभी दल मिलकर पहले देश के बारे में सोचें

नवाज शरीफ ने कहा कि ये महत्वपूर्ण है कि सभी दल मिलकर पहले देश के बारे में सोचें. उन्होंने कहा कि राजनेताओं, संसद, पाकिस्तान की सेना और मीडिया सभी को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए. देश की स्थिरता के लिए कम से कम 10 साल चाहिए. पाकिस्तान इस समय कोई लड़ाई बर्दाश्त नहीं कर सकता. हम बार-बार चुनाव बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम चाहते हैं कि किसी को भी अपने बिजली और गैस बिल का भुगतान करते समय कठिनाई का सामना न करना पड़े. हम चाहते हैं कि हमारे लोगों पर महंगे पेट्रोल, स्कूल फीस और मेडिकल बिल का बोझ न पड़े. भगवान ने चाहा तो गरीबों का चूल्हा जलेगा और देश की हालत बदल जाएगी. हम दुनिया और अपने पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं.

 

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First Published : 11 February 2024, 07:41 AM IST