पाकिस्तान ने तोड़ दिया तालिबान का सबसे बड़ा सपना, बॉर्डर पर टेंशन बढ़नी तय
Pakistan Taliban Relation: पाकिस्तान ने दोहा में आयोजित यूएन की बैठक में तालिबानी शासन को मान्यता देने के लिए आवश्यक शर्तों को मानने की अपील की है. यूएन की बैठक में फिर से तालिबान सरकार को मान्यता देने के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई.
Pakistan Taliban Relation: पाकिस्तान ने कतर में हो रही दोहा में हो रही यूएन की बैठक में अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के सबसे बड़े सपने को तोड़ दिया. यूएन की बैठक में पाकिस्तान ने साफ-साफ कह दिया कि यदि तालिबान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाहिए तो काबुल सरकार को प्रमुख आवश्यक शर्तों को हर हाल में पूरा करना होगा. पाकिस्तान ने शर्तों में अपनी जमीन पर आतंकियों को शरण न देने, महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकारों का सम्मान करने की बात कही. दोहा में आयोजित यूएन की इस बैठक में इस्लामाबाद बिल्कुल अलग लाइन ली. इससे पहले वह सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तालिबान शासन को मान्यता देने की मांग का समर्थन करता था.
तालिबान नीतियों के खिलाफ पाकिस्तान
पाक सरकार का हालिया रुख तालिबानी नीतियों के खिलाफ है. तालिबान सरकार चाहती है कि दुनिया के देश उसके शासन को मान्यता दे दें. कतर में आयोजित हुई यूएन की बैठक का तालिबान ने बहिष्कार किया था. अफगानिस्तान के यूएन में विशेष दूत के प्रस्ताव पर कोई समझौता हुए बिना ही दो दिन का यह सम्मेलन समाप्त हो गया. यूएन द्वारा बुलाए गए समिट में पाक सहित दुनियाभर के 25 देशों ने भाग लिया. इन प्रतिनिधियों में अफगानिस्तान सिविल सोसायटी के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने भी भाग लिया.
अफगान समस्या सुलझाने के लिए बनाना होगा तंत्र
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि दो दिवस के सम्मेलन के बाद कई देशों के प्रतिनिधि अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों पर आम सहमति के स्तर पर पहुंच गए हैं. इसके बाद भी कई मसलों पर बाधाएं कायम हैं. हम ऐसा अफगानिस्तान चाहते हैं जहां शांति हो, पड़ोसियों के साथ शांति का माहौल हो. यूएन प्रमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विरादरी को अफगान समस्या को सुलझाने के लिए एक साझा तंत्र विकसित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि समिट में तालिबान द्वारा निर्धारित शर्तों को स्वीकार नहीं किया जा सका.