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चार महीने बाद चांद की सतह पर एंट्री करेगा जापान का चंद्रयान! जानिए मिशन के बारे में

जापान के मून मिशन की नई तारीख सामने आ गई है. जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (MHI) ने गुरुवार सुबह चांद के लैंडर को ले जाने वाले एच-आईआईए रॉकेट को लॉन्च करने की पुष्टि की है.

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Shubhank Agnihotri


नई दिल्लीः  जापान के मून मिशन की नई तारीख सामने आ गई है. जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (MHI) ने गुरुवार सुबह चांद के लैंडर को ले जाने वाले  एच-आईआईए रॉकेट को लॉन्च करने की पुष्टि की है. पिछले महीने इसकी लॉन्चिंग को  प्रतिकूल हवाओं के कारण स्थगित कर दिया गया था. इसकी लॉन्चिंग जापान की अंतरिक्ष एजेंसी  जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) तनेगाशिमा स्पेस सेंटर से सुबह 8.42 बजे होगी. यह स्पेसक्राफ्ट चांद की सतह पर चार महीने के बाद पहुंचेगा.


मील का पत्थर साबित होगा मिशन 
एच-आईआईए रॉकेट को JAXA और MHI ने साथ मिलकर बनाया है. जापान का 2001 से यह प्रमुख स्पेस लॉन्च व्हीकल रहा है. इसका रिकॉर्ड अब तक काफी शानदार रहा है. 46 प्रक्षेपण अभियानों में यह 45 बार सफल रहा है. जापान का यह प्रक्षेपण कई मायनों में मील का पत्थर है. यह चांद की सतह पर उतरने लिए पहला स्पेसक्राफ्ट SLIM ले जाएगा.


एयरोस्पेस डेवलेपमेंट पा सकता है गति 
यह मिशन यदि सफल होता है जापान की एयरोस्पेस विकास को और गति मिल सकती है. जापान के एक अखबार ने बताया कि जापानी अंतरिक्ष एजेंसी को 2024 में लगभग 68.4 मिलियन डॉलर की सब्सिडी मिल सकती है. इसका इस्तेमाल वह सैटेलाइट लॉन्चिंग, चांद की स्टडी, यूनिवसिर्टी को मुआवजा देने में किया जा सकता है. भारत के चंद्रयान-3 की सफलता के बाद जापान के इस मिशन को लॉन्च किया जा रहा है.

 

संयुक्त चांद मिशन पर काम कर रहे 
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो अपना अगला चंद्र मिशन जापान के साथ मिलकर चला सकती है.जापान और भारत मिलकर लूनार पोलर एक्सप्लोरेशन मिशन को एक साथ लॉन्च कर सकते हैं. दोनों ही देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां रोवर और लैंडर का डिजाइन कर रही हैं.चंद्रयान-4 मिशन के 2026 तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है.

 

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