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हंसती-मुस्कुराती जॉर्जिया मेलोनी को किस पर आया गुस्सा? आंखों से किया कुछ ऐसा जो हो गया वायरल

Italy France Relation: इटली में आयोजित जी 7 देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनाव देखा गया है. समिट के दौरान दोनों नेताओं के बीच का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में इटली की प्रधानमंत्री मैक्रां से काफी नाराज दिखाई दे रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच जी 7 देशों के मसौदे में शामिल गर्भपात अधिकारों को लेकर विवाद था.

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Meloni
Courtesy: Social Media

Italy France Relation: जी 7 देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान इटली और फ्रांस के बीच सब कुछ ठीक न होने की खबरें सामने आई हैं. इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां के बीच की बातचीत का एक छोटा वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मेलोनी मैक्रां से काफी गुस्से में नजर आ रही हैं. इस वीडियो को देखकर कहा  जा रहा है दोनों देशों के नेताओं के बीच सब कुछ ठीक नहीं है. 

वायरल हो रहे वीडियो में मैक्रां कुछ लोगों से हाथ मिला रहे थे. इस दौरान मेलोनी को उनकी ओर आंखें घूरते हुए दिखाया गया है. इस दौरान जब फ्रांसीसी नेता ने उनसे हाथ मिलाया तो उन्होंने गर्मजोशी से उनका स्वागत भी नहीं किया. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक,  दोनों देशों के गर्भपात अधिकारों पर विशेष भाषा का इस्तेमाल पर सहमति न बनने के बाद यह वीडियो वायरल हुआ है. जी 7 देशों की फाइनल प्रेस रिलीज में भी गर्भपात को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया. पिछले साल जापान के हिरोशिमा शहर में हुए जी 7 देशों के शिखर सम्मेलन के मसौदे में गर्भपात अधिकारों और देखभाल को लेकर विशेष भाषा का इस्तेमाल किया गया था. 

इटली और फ्रांस के बीच विवाद 

इटली ने इस सप्ताह  जी-7 शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र  से सुरक्षित और कानूनी गर्भपात के विशेष संदर्भ को हटाने की मांग की थी. इस मांग पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति की ओर से विरोध जताया गया.गर्भपात के मुद्दे ने रोम और पेरिस के बीच कूटनीतिक विवाद पैदा कर दिया जिसमें मेलोनी ने मैक्रों पर फ्रांस में राष्ट्रीय चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है. हालांकि मौजूदा प्रस्ताव में गर्भपात अधिकारों को अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किया गया है. 

गर्भपात के विशेष संदर्भ को हटाया गया

जी 7 देशों के इस मसौदा प्रस्ताव में पिछले साल जापान में हुए शिखर सम्मेलन के प्रस्तावों को बरकरार रखा गया है. हिरोशिमा शिखर सम्मेलन में जी 7 नेताओं ने महिलाओं के लिए पर्याप्त, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच की प्रतिबद्धता को बरकरार रखने की बात कही थी. हालांकि मौजूदा मसौदे में पिछली बार के सुरक्षित और कानूनी गर्भपात और गर्भपात की बाद की देखभाल तक पहुंच के विशेष संदर्भ को हटा दिया गया. इस वर्ष जी-7 देशों की अध्यक्षता कर रहे इटली का कहना है कि इस भाषा को दोहराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उन्होंने विशेष रूप से हिरोशिमा संबंधी अपने प्रस्तावों को दोहराया है.